भीषण गर्मी में जिले की बिजली सप्लाई पटरी से उतर गई है। आलम यह है कि निघासन में दो टॉवर धराशाई हो गए थे, जो एक सप्ताह बाद भी ठीक नहीं हो पाए हैं। इससे आठ उपकेंद्रों निघासन, सिंगाही, तिकुनियां, ढखेरवा, भीरा, बिजुआ, संपूर्णानगर में पांच-पांच घंटे रोस्टिंग से बिजली दी जा रही है। उधर गोला, पलिया और मोहम्मदी क्षेत्र अंधाधुंध कटौती के कारण बमुश्किल पांच से सात घंटे के बीच बिजली मिल रही है। वहीं धौरहरा और मितौली क्षेत्र में भी बिजली की बदहाली बनी हुई है। यहां गांवों में महज चार से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। लखीमपुर शहर में ओवरलोडिंग के कारण बार-बार ट्रिपिंग हो रही है और लो-वोल्टेज की समस्या गहराती जा रही है। पिछले दो दिनों से गढ़ी उपकेंद्र से जुड़े 11 हजार केवीए के फीडरों को 10 हजार वोल्ट ही करेंट मिल पा रहा है। वहीं नई बस्ती उपकेंद्र से जुड़े जेल फीडर पर बार-बार तार टूटने और ट्रिपिंग बढ़ने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बे के 300 घरों को नहीं मिल रही बिजली
मितौली के पुरानी बाजार में 250 केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिनों से फुंका पड़ा है। लोगों की शिकायत के बाद नया ट्रांसफार्मर रख दिया गया है, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक उसे जोड़ा नहीं है। इससे आधे कस्बे की बिजली सप्लाई ठप पड़ी है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परेशान हैं निघासन के उपभोक्ता
निघासन। भीषण गर्मी के चलते बिजली न आने से यहां के उपभोक्ता परेशान हैं। 132 लाइन के टावर सही न होने से उपभोक्ता आक्रोशित हो रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें गर्मी में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
जल्द बनना चाहिए था टावर
31 मई को तेज आंधी में दो टावरों के गिरने के बाद ट्रांसमिशन विभाग गंभीरता से काम कराता तो अब तक यहां के लोगों को बिजली मिल जाती। टावरों के गिरने से लोगों को गर्मी में बेहाल होना पड़ रहा है।
श्रीप्रकाश शुक्ला
टावरों को खड़ा करने में मानकों की अनदेखी
टावर खड़ा करने में मानकों की अनदेखी की जा रही है। अगर टावरों को खड़ा करने में घटिया किस्म की सीमेंट और मौरंग का प्रयोग न किया जाए तो यह टावर नहीं गिरेंगे। इसे बने हुए एक माह का भी समय नहीं बीता है।
आफताब आलम, उपाध्यक्ष व्यापार मंडल
बिजली-पानी को तरसे लोग
अधिक गर्मी के कारण घर और बाहर बैठना मुश्किल हो रहा है। पानी और बिजली के लिए यहां के लोग तरस गए हैं। पौने पांच घंटे मिलने वाली बिजली मात्र दो से तीन घंटे ही मिल पाती है।
सुप्रिया गुप्ता, निघासन
मनमानी कर रहा है बिजली विभाग
बिजली विभाग जब चाहता है लोगों को बिजली देता है और जब मन में आता है फॉल्ट बताकर काट देता है। बिजली विभाग की मनमानी के चलते यहां के लोग काफी परेशान हैं।
रामनरेश उर्फ चुन्ना, सिंगाही
टॉवर गिरने से निघासन से दी जा रही बिजली
पलियाकलां। इलाके में बिजली आपूर्ति का हाल यूं तो पहले से ही खराब था उस पर करीब दस दिन पहले निघासन क्षेत्र में तेज आंधी से टॉवरों का गिर जाना जख्मों पर नमक छिड़क गया है। टावरों के गिरने के कारण स्थानीय सब स्टेशन से निघासन को भी बिजली जा रही है, जिससे यहां के लोगों को बिजली आपूर्ति काफी कम मिल पा रही है।
क्या कहते हैं लोग
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अंधाधुंध कटौती से हो गए हैं परेशान
बिजली की समस्या लगातार बनी हुई वैकल्पिक व्यवस्था में बिजली दी जा रही हैं, लेकिन उसका आना न आने बराबर ही है। सभी अंधाधुंध कटौती से परेशान हैं।
हितेश भसीन, व्यापारी-पलिया।
बेकार पड़े हैं फ्रिज और कूलर
भीषण गर्मी और ऊपर से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के कारण न तो फ्रि ज चल पा रहे हैं और न ही पंखे और कूलर। आखिर इस गर्मी से कैसे बचा जाए।
अनुराग मिश्रा, व्यापारी, पलिया
निघासन में बिजली टावरों का निर्माण कार्य ट्रांसमिशन कर रहा है। जल्द काम पूरा होने की उम्मीद है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लिए सिस्टम कंट्रोल से शेड्यूल निर्धारित है, उसी के हिसाब से बिजली दी जा रही है। गर्मी में लोड बढ़ने से भी दिक्कतें आ रही है।
राकेश सिंह, अधिशाषी अभियंता