पलियाकलां। अगर आपको मीलों फैले साल के घने जंगलों में स्वच्छंद विचरण करते बाघ, गैंडा, हाथी, भालू, हिरनों समेत अन्य दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करना है तो जल्दी करिए और आ जाइये दुधवा टाइगर रिजर्व घूमने। दुधवा की सैर करने के लिए अब मात्र आठ दिन ही शेष हैं।
अपनी अनूठी जैव विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए देश विदेश में विख्यात दुधवा नेशनल पार्क 15 जून से सैलानियों के लिए बंद किया जा सकता है, हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन दुधवा के पर्यटन सत्र को बंद करने की पूर्व से यही तिथि निर्धारित है। हालांकि पिछले सालों में इसको बढ़ाकर 25 जून किया गया था। 15 जून से अगर दुधवा टाइगर रिजर्व के वर्तमान पर्यटन सत्र का समापन होता है तो उसके बाद नवंबर में भी ही ये सैलानियों के लिए खोला जाएगा। (संवाद)
किशनपुर बाघों के लिए है मुफीद, हर बार होती है साइटिंग
दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर रेंज में हर बार सैलानियों को बाघों की साइटिंग होती है। ऐसे में यहां सैलानियों की भीड़ रहती है। इस पर्यटन सत्र में एक बाघिन के घायल होने के बाद पार्क प्रशासन ने इस रेंज के कई रूटों पर पर्यटन करने पर रोक लगा दी थी। उसके बाद भी यहां लगातार बाघों की साइटिंग हुई। दुधवा रेंज में भी बाघ दिखते हैं, लेकिन दुधवा के राजा बाघ और रानी बाघिन किशनपुर रेंज में ही पाई जाती हैं। ऐसे में सैलानी वहां का रुख अपने आप ही कर लेते हैं।
सोनारीपुर रेंज में भालू के भी हो रहे हैं दीदार
अगर आप भालू का दीदार करना चाहते हैं तो दुधवा में जंगल सफारी का मजा लें। दुधवा की सोनारीपुर रेंज में अधिकांश लोगों को भालू के दीदार हुए हैं। ऐसे में वह स्वच्छंद घूमते भालू को देखकर पहले तो आश्चर्यचकित होते हैं, लेकिन बाद में फोटो व वीडियो बनाते हुए उसका आनंद भी उठाते हैं। पार्क बंदी के अंतिम दिनों में सोनारीपुर रेंज में अलग-अलग स्थानों पर सैलानियों को भालुओं के दीदार हो रहे हैं।
जंगली हाथियों के झुंड आकर्षण का केंद्र बने
दुधवा नेशनल पार्क रेंज में जंगली हाथियों के झुंड भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बताया जाता है कि नेपाल से अक्सर जंगली हाथियों का झुंड यहां आ जाताहै। यहां प्रवास करने के बाद लौट जाते हैं। इसमें उनके साथ बच्चे भी होते हैं, जो समूह के साथ चलकर शोभा बढ़ाने का काम करते हैं। इस बार भी दुधवा में कई जगहों पर जंगली हाथियों के झुंड सैलानियों को दिखे हैं।
गैंडाें का दीदार सैलानियों को करता है रोमांचित
दुधवा टाइगर रिजर्व में दो गैंडा पुनर्वास परियोजनाएं भी चलाईं जा रहीं हैं। इनमें गैंडे परियोजना के लिए बनाए गए बैटरी चालित बाड़ वाले वन क्षेत्र में स्वच्छंद विचरण करते हैं। इसके अलावा पार्क प्रशासन द्वारा कुछ गैंडों को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए इस सत्र में बाड़ से मुक्त भी किया गया है, जो अक्सर कहीं न कहीं पार्क क्षेत्र में सैलानियों को दिख जाते हैं। हाथी पर बैठकर गैंडाें का दीदार करना सैलानियों को खूब भाता है।
अभी नियमत: 15 जून को ही दुधवा पार्क के बंद होने की जानकारी है। तिथि आगे बढ़ेगी या नहीं, इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। उम्मीद है कि 15 जून तक सैलानी आते रहेंगे। कुछ लोगों ने अपनी एडवांस बुकिंग भी कराई हुई है। -डाॅ. रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
इस बार विदेशी सैलानियों की संख्या रही अधिक, राजस्व भी हुआ दोगुना
- 50 हजार से अधिक देशी व छह सौ से अधिक विदेशी पहुंचे दुधवा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलियाकलां। बीते सालों की तुलना में इस बार दुधवा नेशनल पार्क का राजस्व काफी बढ़ा है। पिछले साल की तुलना में ही इस बार दुधवा नेशनल पार्क ने दोगुना राजस्व प्राप्त किया है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार विदेशी सैलानियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र 2024-25 की बात करें तो 50,964 देशी व 628 विदेशी सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया। इसमें दुधवा नेशनल पार्क को तीन करोड़ 17 लाख 11 हजार 704 रुपये का राजस्व मई तक प्राप्त हुआ है। हालांकि अभी जून का ब्योरा पार्क प्रशासन को नहीं मिल सका है। महीनों के हिसाब से देखा जाए तो मार्च, अप्रैल में विदेशी सैलानियों की अच्छी खासी आमद हुई है।
वहीं 2023-24 के पर्यटन सत्र में 51,011 देशी व 334 विदेशी सैलानी पार्क का भ्रमण करने पहुंचे थे। इसमें पार्क प्रशासन को एक करोड़ 39 लाख 73 हजार 240 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। पिछले पर्यटन सत्र की तुलना में इस बार दोगुनी कमाई पार्क प्रशासन द्वारा की गई है।
2022-23 में भी 26,730 देशी व 1601 विदेशी सैलानी पहुंचे थे और तब पार्क प्रशासन को एक करोड़ 45 लाख 16 हजार 127 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह बीते दो पर्यटन सत्रों की तुलना में इस बार का पर्यटन सत्र पार्क प्रशासन के लिए राजस्व के हिसाब से काफी अच्छा गया है।
दुधवा में सोनारीपुर रेंज की तरफ घूमता भालू। फाइल फोटो
दुधवा में सोनारीपुर रेंज की तरफ घूमता भालू। फाइल फोटो
दुधवा में सोनारीपुर रेंज की तरफ घूमता भालू। फाइल फोटो