खुली बैठक में कराया जाएगा एसएमसी का गठन
2013-14 में बनी एसएमसी का कार्यकाल हुआ समाप्त
25 जुलाई 2016 तक वित्तविहीन छोड़ सभी विद्यालयों में होगा गठन
अप्रैल से शैैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के बाद अफसर आराम फरमाते रहे। जब यूनिफार्म वितरण का समय नजदीक आया, तब विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के गठन की याद आई है। बेसिक शिक्षा विभाग समेत सरकार से अनुदान प्राप्त करने वाले सभी विद्यालयों में वर्ष 2013-14 में बनी विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम में एसएमसी की अहम भूमिका होने के चलते नई एसएमसी के गठन के बाद ही स्कूलों में यूनिफार्म वितरण का रास्ता साफ हो सकेगा। लिहाजा सीडीओ अमित सिंह बंसल ने सभी विद्यालयों में 25 जुलाई 2016 तक एसएमसी का गठन कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि जिले के 3940 विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) का गठन होना है, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के 2723 प्राथमिक विद्यालय, 1158 उच्च प्राथमिक विद्यालय, समाज कल्याण के आठ, माध्यमिक शिक्षा के 54 और छह अनुदानित प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को दो-दो सेट यूनिफार्म का वितरण किया जाना है, जिसके लिए परियोजना निदेशक ने 15 जुलाई से 30 अगस्त 2016 तक समय निर्धारित किया है। विभागीय अधिकारियों ने कुछ दिन पूर्व बीईओ के साथ बैठक कर यूनिफार्म वितरण की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन नई एसएमसी के गठन पर गौर ही नहीं किया। जब क्रय समिति की चर्चा हुई, तब अफसरों को जानकारी हुई कि 2013-14 में गठित एसएमसी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। लिहाजा सीडीओ अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन में बैठक हुई, जिसमें सभी बीईओ को 25 जुलाई 2016 तक समस्त विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन कराने के निर्देश दिए गए। ताकि एक अगस्त से एसएमसी क्रियाशील हो जाएं।
--
डीएम करेंगे ब्लाकवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
विद्यालय प्रबंध समिति का गठन खुली बैठकों में कराया जाएगा, जिसके लिए तिथियों का निर्धारण करने के बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। एसएमसी गठन में पारदर्शिता के लिए डीएम ब्लाकवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेंगे।
--
15 सदस्यों की समिति में रहेंगे 11 अभिभावक
एसएमसी में कुल 15 सदस्य रहेंगे, जिसमें 11 अभिभावक चुने जाएंगे। जबकि शेष चार सदस्यों में ग्राम प्रधान, प्रधानाध्यापक, एएनएम और क्षेत्रीय लेखपाल शामिल हैं। 15 सदस्यों की कमेटी बनने के बाद खुली बैठक में ही 11 अभिभावक सदस्यों में से एक अभिभावक को एसएमसी का अध्यक्ष चुना जाएगा। अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक/सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से खाता संचालन किया जाएगा।