गोला गोकर्णनाथ। छोटीकाशी के चैती मेला के सांस्कृतिक मंच के चौदहवें दिन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने काव्यपाठ किया। यहां कवियों ने साहित्य के विभिन्न रंगों की वर्षा की।
बृहस्पतिवार की रात मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा अवध प्रांत कमलेश मिश्रा और कार्यक्रम अध्यक्ष विधायक अमन गिरि ने दीप जलाकर कवि सम्मेलन की शुरुआत कराई।
पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अतिथियों, कवि-कवयित्रियों को स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया। शशिकांत यादव शशि ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुनाया- तोला से मन भर तोला है, पारा पानी में घोला है। प्रयागराज की डॉ. वंदना शुक्ला ने प्यार के फंदे को आप बुन लीजिए, अन्य का दुःख भी तो थोड़ा सुन लीजिए।
दिल्ली की कल्पना शुक्ला ने कविता पढ़ी- इतिहास हमारा प्रांजल है गौरवशाली है वर्तमान। देने को हम तैयार खड़े आने वाला हर इंतिहान। बनारस की दिव्या मीरा ने शृंगार रस बिखेरते हुए कहा, आंसुओं के सभी आचमन याद है, प्रेम में जो छुए वो गगन याद हैं।
इस दौरान बस्ती के महेश श्रीवास्तव, प्रयागराज की डॉ. वंदना शुक्ला, इटावा के डॉ. कमलेश वर्मा, राजस्थान उदयपुर के राव अजात शत्रु, दिल्ली के कवि अरुण जैमिनी, बाराबंकी के प्रियांशु गजेंद्र, भोपाल से आए कवि डॉ. अनुसपन, इटावा के गौरव चौहान, उज्जैन के पं. महेंद्र, लखनऊ के प्रमोद द्विवेदी ने भी काव्यपाठ किया।
आयोजक डॉ. वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने अध्यक्षता और संचालन शशिकांत यादव शशि ने किया। इस विशिष्ट अतिथि पं. रामदेव शास्त्री, महेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमित गौतम, डॉ. सौरभ दीक्षित, जया अग्निहोत्री, अशोक सक्सेना, सतीश गुप्ता, पंकज पुरवार, अजय पांडे, गोविंद गुप्ता, रवि लोहिया आदि मौजूद रहे।
चैती मेला में आज
छोटी काशी के ऐतिहासिक मैला चैती के सांस्कृतिक मंच पर 19 अप्रैल को समापन समारोह में बॉलीवुड सिंगर अल्ताफ रजा एंड पार्टी द्वारा रंगारंग कार्यक्रम।
काव्य पाठ करते कवि गौरव चौहान। संवाद
काव्य पाठ करते कवि गौरव चौहान। संवाद
काव्य पाठ करते कवि गौरव चौहान। संवाद
काव्य पाठ करते कवि गौरव चौहान। संवाद