लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न करते हुए उसको मौत के घाट उतारने के पांच साल पुराने मामले में अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। एडीजे शैलोज चंद्रा ने फैसला सुनाते हुए दोषी पति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, जुलाई 2019 को वादी मुकदमा प्रकाशचंद्र ने अपनी बेटी भानमती की शादी धूमधाम से नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम खरगपुर बिलरिया निवासी रूपेश के साथ की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही अतिरिक्त दहेज के लिए भानमती को ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी दौरान 29 दिसंबर, 2020 की रात भानुमति की पीटकर हत्या कर दी गई। इसमें प्रकाशचंद्र ने पति रूपेश के साथ ही सास संगीता, ससुर गंगाराम, जेठ सर्वेश उर्फ सुरेश और देवर मुकेश, ननद सोनम और जेठानी पम्मी को नामजद किया था।
पुलिस ने केवल सास संगीता, ससुर गंगाराम और पति रूपेश का चालान किया था। बाकी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अदालती सुनवाई के बाद 11 जनवरी 2024 को अदालत ने क्लीन चिट पाए आरोपियों को फिर से तलब कर लिया था।
एडीजे शैलोज चंद्रा ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पति रूपेश कुमार को 10 साल के कठोर कारावास और 37 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए दंडित किया है। बाकी सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।