लखीमपुर खीरी। डेंगू और मलेरिया के डंक पर इस सीजन में लगाम लगी रही। पिछले दो वर्ष की तुलना में इस साल कम मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस बार लोगों को जागरूक करने के साथ ही फाॅगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव पर अधिक जोर दिया गया। नतीजतन, मच्छरों का प्रकोप कम रहा और मरीज कम आए।
वर्ष 2022 में मलेरिया के जहां 85 केस थे, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 179 हो गए। वर्ष 2024 में इनकी संख्या 614 जा पहुंची। हालांकि, इस सीजन में अब तक 447 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, वर्ष 2022 में डेंगू के मरीजों की संख्या 85 थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 179 हो गई। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा तीन सौ के पार चला गया। हालांकि, इस बार मलेरिया व स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता काम आई तो 65 मरीजों में ही डेंगू की पुष्टि हुई है।
वर्ष 2023 और 2024 की बात करें इन दो सालों में डेंगू और मलेरिया ने जमकर कहर बरपाया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन दोनों साल में डेंगू और मलेरिया के सबसे अधिक मरीज निकले थे।
स्टाफ की कमी से जूझ रहा मलेरिया विभाग
मलेरिया विभाग इन दिनों स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। फील्ड वर्कर के नाम पर महज तीन कर्मचारियों के सहारे ही काम चलाया जा रहा है, जबकि अधिकारियों की मानें तो जिले के क्षेत्रफल और काम के हिसाब से कम से कम 100 फील्ड वर्कर होने चाहिए। हालांकि, इससे पहले यहां पांच कर्मचारी थे, लेकिन दो लोग सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद से महज तीन लोगों के कंधे पर ही काम की जिम्मेदारी है।
वर्ष मलेरिया डेंगू
2023 298 179
2024 614 305
2025 (अब तक) 447 65
इस बार लोगों को जागरूक करने के साथ ही फाॅगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव पर जोर दिया गया। इसलिए डेंगू व मलेरिया के मरीज कम रहे। कर्मचारी को बढ़ाने के लिए शासन से पत्राचार किया जा चुका है।
हरिशंकर, जिला मलेरिया अधिकारी