लखीमपुर खीरी। पत्नी का गला काटकर हत्या करने के छह साल पुराने मामले में अपर जिला न्यायाधीश रेनू सिंह ने दोषी पति बबलू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोहम्मदी के खुशीराम ने अपनी बेटी रेनू की शादी 2007 में पसगवां थाना क्षेत्र के गांधी नगर बरवर निवासी बबलू से की थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। आरोप था कि बबलू शराब के नशे में रेनू के चाल-चलन पर आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट करता था।
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22 जून 2020 को सुबह सात बजे दोनों के बीच कहासुनी हुई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गुस्से में बबलू ने चाकू से रेनू का गला काट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। रेनू के पिता खुशीराम ने बबलू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बबलू को गिरफ्तार कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान रेनू के पिता खुशीराम, चाचा रामनरेश, भाई व्यास कुमार, बहन माधुरी समेत कई गवाह पेश हुए। फॉरेंसिक जांच का भी अभियोजन पक्ष ने उल्लेख किया। बृहस्पतिवार को अपर जिला न्यायाधीश रेनू सिंह ने बबलू को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने फैसले में कहा कि वसूल की गई जुर्माने की रकम मृतका की संतानों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।