लखीमपुर खीरी। घरेलू कलह के चलते पत्नी को फावड़े से काटकर मौत के घाट उतार देने के मामले में पौने दो साल के अंदर ही एडीजे मनोज कुमार सिंह ने फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्यारोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मझगईं के बौधियाखुर्द के रहने वाले सुरेश कुमार ने अपनी बहन अवधेशा देवी की शादी पढुआ थाना क्षेत्र के ग्राम परमोधापुर निवासी अयोध्या प्रसाद उर्फ श्रीकृष्ण के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थितियों को लेकर कई बार सुलह समझौता भी हुआ। इसी कड़ी में 13 अप्रैल 2024 को भतीजी नितांशी भी अवधेशा देवी के साथ घर पर मौजूद थी। तभी दोपहर करीब डेढ़ बजे अयोध्या प्रसाद आया और अवधेशा देवी पर ताबड़तोड़ फावड़े से प्रहार करने लगा।
जब भतीजी नितांशी ने उसे बचाने की कोशिश की तो उसे भी पीटकर चोटिल कर दिया था। इस मामले में सुरेश ने अपने हत्यारोपी बहनोई के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजन ने सुरेश, नितांशी, शिवम, सुहानी, डाॅ. विमल कुमार, डाॅ. आलोक कुमार, हेड मोहर्रिर रमेश यादव और इंस्पेक्टर हरिकेश राय की गवाही दर्ज कराई और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। बृहस्पतिवार को एडीजे मनोज सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए हत्या करने के दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद