लखीमपुर खीरी। विवाहिता का उत्पीड़न कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने सोमवार को फैसला सुनाया। नौ साल पुराने इस मामले में पति और सास-ससुर को दोषी पाते हुए कोर्ट ने सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि ईसानगर के ग्राम सिंगावर निवासी चंद्रभाल ने वर्ष 2014 में अपनी पुत्री सीमा की शादी धौरहरा के ग्राम लालापुरवा मजरा जुगनुपुर निवासी अमिताभ के साथ की थी। शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते सीमा को उसके पति अमिताभ, ससुर रामस्वरूप, सास प्रेमा देवी के साथ ही देवर जितेंद्र और धर्मेंद्र तथा ननद कुमारी परेशान करने लगे। ये बात उसने अपने मायके में बताई, तो कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन मामला नहीं निपटा।
22 सितंबर, 2017 की सुबह फोन पर बातचीत करते हुए सीमा देवी ने अपने पिता चंद्रभाल को बताया कि उसे पांच दिनों से उसे भूखा-प्यासा रखा जा रहा है। इसी दौरान शाम को खबर आई कि सीमा देवी का शव फंदे पर लटक रहा है। मामले में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पति, सास-ससुर के साथ देवर जितेंद्र और धर्मेंद्र के साथ ही ननद कुमार सीमा को भी नामजद किया गया, लेकिन पुलिस ने विवेचना के बाद केवल पति और सास-ससुर को ही दोषी साबित पाते हुए चार्जशीट दाखिल की थी।
अदालत ने मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हुए आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में तीनों को दोषी साबित पाया और सजा सुनाई। संवाद