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पूर्व विधायक को न्याय दिलाने के लिए शुरू हुई क्रमिक भूख हड़ताल

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पलिया के त्रिकोलिया गांव में क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। जमीन के विवाद में त्रिकोलिया पढुआ निवासी पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की मौत के बाद उनके पुत्र द्वारा शुरू किया गया धरना प्रदर्शन गुरुवार से क्रमिक भूख हड़ताल में बदल गया। दोषियों पर कार्रवाई न होने और प्रशासन द्वारा मामले में कोई कार्रवाई न करने को लेकर भूख हड़ताल में पहले दिन दस लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में दिवंगत पूर्व विधायक को न्याय दिलाने की मांग की।
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बता दें कि रविवार छह सितंबर को निघासन से तीन बार विधायक रह चुके निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की जमीन के विवाद में मौत हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने हंगामा किया। सोमवार को ग्रामीणों को डीएम शैलेंद्र कुमार ने समझाया और मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने पूर्व विधायक के शव का अंतिम संस्कार किया। लेकिन उसके बाद मामले में कोई कार्रवाई न होने से मंगलवार से पूर्व विधायक के पुत्र संजीव मिश्रा ने ग्रामीणों के साथ धरना शुरू कर दिया। 16 दिन तक धरना प्रदर्शन करने के बाद भी जब प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंगी तब गुरुवार को 17वें दिन से ग्रामीणों ने पूर्व विधायक पुत्र का समर्थन करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस संबंध में बुधवार को ही ग्रामीणों के साथ बैठक कर पूर्व विधायक ने इस संबंध में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। जिसके बाद गुरुवार को सुबह से ही गांव में ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। पहले दिन भूख हड़ताल पर कौशल बाजपेई, कमलजी सिंह, सतेंद्र कुमार शुक्ला, वीरेंद्र मिश्रा, शुभम शर्मा, सौरभ मिश्रा, मानू शुक्ला, गौतम सिंह, उमेश सिंह व सचिन गुप्ता बैठे।
कई किलोमीटर पैदल यात्रा कर पहुंचे 80 साल के दरबारी लाल
अपने चहेते पूर्व विधायक निरवेन्द्र कुमार मिश्रा की मौत की खबर सुनकर नेपाल से सटे कड़िया डांगा में रहने वाले 80 वर्षीय बाबा दरबारी लाल अपने आप को रोक न सके। कई किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा करते हुए वह त्रिकोलिया पढुआ पूर्व विधायक के आवास पर पहुंचे और पूर्व विधायक की तस्वीर देखकर अपने आंसू न रोक सके। बताया कि वह उनके काफी करीबी थे और उनका दिल से सम्मान करते थे। ऐसा विधायक न आज तक हुआ है और न ही आगे होगा।
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