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नहीं बदल रहे नोट...कैसे पीले होंगे बिटिया के हाथ!

Sun, 13 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज।
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marriege - फोटो : amar ujala
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सहालग के सीजन में चिंतित है वर-वधू के परिवारी
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मोदी के करेंसी स्ट्रोक से सहालग के इस सीजन में वर-वधू के परिवारीजन चिंतित हैं। उन्हें यही चिंता सता रही है कि अगर रुपये ने बदल पाए अथवा जमा करने के बाद पैसे न निकल पाए तो शादी कैसे होगी। एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों के बंद होने से लोगों के घरों पर शादी-ब्याह के लिए सालों से जोड़कर रखे गए यह नोट रद्दी हो गए हैं। शादियों की तैयारियों की जगह लोग अब पुराने हुए नोटों को बदलने की जुगत में लग गए हैं। छोटी करेंसी न होने से लोग खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में शादी-विवाह और निकाह की तैयारियां ठप होकर रह गईं हैं।

मेहमानों के स्वागत सत्कार की चिंता
कस्बा निवासी श्याम बिहारी गुप्ता की बिटिया की बारात एक दिसंबर को आनी है। 1000 और 500 नोटों के बंद होने के बाद उनकी जेब में फूटी कौड़ी नहीं बची। नोट बदलने के लिए मजबूर पिता बैंकों में नोट बदलने के लिए लगी लंबी कतार में खड़े होकर सारा दिन अपनी बारी का इंतजार करते हैं। जहां काउंटर पर पहुंचते ही बैंक ने उन्हें चार हजार रुपये थमा दिए। ऐसे में उन्हें मेहमानों के स्वागत सत्कार करने की चिंता सता रही है। श्याम बिहारी ने बताया कि कि वह बेटी की शादी की तैयारियों के नोटों का इंतजाम कहा से करेंगे।
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जेब खाली, कैसे हो खरीदारी
मोहल्ला अमीननगर और झाऊपुर निवासी क्रमश: मुन्ना अली और नासिर अली के बेटों के सर सेहरा 17 और 26 नवंबर को बंधेगा। दोनों परिवारों के घर मेहमान आने शुरू हो गए है। निकाह में बहू को जाने वाले सुहाग के सामान और कपड़ों की खरीदारी के लिए मजबूर पिता हाथों में शादी का कार्ड लेकर नई करेंसी नोट लेने के लिए बैंक पहुंचकर मिन्नतों के बाद बमुश्किल दो हजार रुपये का पेमेंट ही ले पाया। 
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वर-वधू पक्ष ने मोदी के निर्णय का समर्थन भी किया
हालांकि वर-वधू पक्षों ने मोदी के करेंसी स्ट्रोक का स्वागत किया है, लेकिन विवाह की तैयारियों के लिए बैंकों में नए करेंसी नोटों के न मिलने पर हो रही परेशानियों को लेकर नाराजगी जताई।
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