लखीमपुर/मैगलगंज। हाईवे पर अवैध कट जानलेवा साबित हो रहे हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। मैगलगंज से निकले नेशनल हाईवे पर चार किलोमीटर के दायरे में चार अवैध कट है। इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक पेट्रोल पंप के सामने वाला अवैध कट है। मैगलगंज में छह माह में पांच जानें जा चुकी हैं।
मैगलगंज से गुजरने वाला नेशनल हाईवे हादसों का अड्डा बनता जा रहा है। यह हाईवे लखनऊ-सीतापुर और शाहजहांपुर-बरेली को जोड़ता है। हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। एक कट औरंगाबाद ओवरब्रिज के पास, दूसरा गुरुद्वारा के पास, तीसरा लिधियाई मार्ग और चौथा लडैती देवी पंप के पास है। सबसे ज्यादा हादसे पेट्रोल पंप के पास होते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन न तो सर्वे किया गया और न ही अवैध कट को बंद किया गया।
ओवरब्रिज के पास ग्रामीणों ने तोड़ा डिवाइडर
औरंगाबाद ओवरब्रिज से जैसे ही वाहन नीचे उतरते हैं, ग्रामीणों ने डिवाइडर को तोड़कर अवैध कट बना लिया है। इस स्थान पर बाइक सवार बिना रुके दूसरी दिशा में चले जाते हैं। इससे दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। ऐसे में न तो रफ्तार पर नियंत्रण होता है और न ही दिशा स्पष्ट होती है, जो हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
ट्रैफिक मूवमेंट के अध्ययन बनते हैं कट
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, हाईवे पर कट बहुत ही सोच-समझकर और ट्रैफिक मूवमेंट के अध्ययन के बाद बनाए जाते हैं। अवैध कट न केवल दुर्घटनाओं को जन्म देते हैं, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था को भी बिगाड़ते हैं। पेट्रोल पंप के सामने तो बिल्कुल भी कट नहीं होना चाहिए।
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सीतापुर हाईवे पर 15 किलोमीटर में 15 अवैध कट
अवैध कट सिर्फ मैगलगंज हाईवे पर ही नहीं बल्कि लखीमपुर-सीतापुर हाइवे पर भी है। यहां पर 15 किलोमीटर के दायरे में 15 अवैध कट हैं, जो हादसों की वजह बनते है। पिछले दिनों यह मुद्दा उठाया गया था। तब जाकर जिम्मेदारों की नींद खुली और अवैध कट बंद कराने का कम शुरू किया गया।
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अवैध कट बंद कराने का काम कराया जा रहा है और किसी भी पेट्रोल पंप के सामने कट होने का प्रावधान नहीं है। अगर कहीं है तो उसको भी बंद कराया जाएगा।
-प्रशांत दुबे, परियोजना निदेशक एनएचएआई
नेशनल हाईवे पर मैगलगंज कस्बे के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने खुला कट। संवाद