प्रशासन पर लगाया ये आरोप
अग्निहोत्री परिवार के सचेंद्र अग्निहोत्री, संजीव अग्निहोत्री, अश्विनी अग्निहोत्री और कमल अग्निहोत्री ने बताया कि गोकर्ण तीर्थ स्थित उनके परिवार का हंसराम मूलचंद अग्निहोत्री धर्मशाला बगैर प्रपत्रों की जांच किए गिरा दिया गया। कमेटी को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। प्रशासन ने खेल कर भूमि को नजूल में घोषित कर दिया है, जबकि उन्होंने एसडीएम, विधायक और डीएम से मिलकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया था।
सभी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। धर्मशाला की भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। अग्निहोत्री परिवार ने मांग की कि धर्मशाला के बराबर भूमि दी जाए, ताकि पूर्वजों की निशानी फिर से स्थापित की जा सके। साथ ही उचित मुआवजा दिलाया जाए।
एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि नजूल की भूमि की कस्टोडियन सरकार होती है। इसलिए नजूल की भूमि पर कराया गया बैनामा अवैध माना जाएगा या जब तक सरकार ने भूमि को फ्री होल्ड न किया हो।