प्रतापगढ़ के एक होटल में आग लगने और उसमें जलकर 13 लोगों की मौत के बाद भी अगर प्रशासन सचेत नहीं हुआ तो ऐसी घटना लखीमपुर में भी घट सकती है। यहां बड़े-बड़े होटल नर्सिंग होम तो बना दिए गए हैं, लेकिन फायर सर्विस के मानकों पर एक भी खरा नहीं उतर रहा है। लखीमपुर शहर के किसी भी होटल और नर्सिंग होम ने निर्माण के बाद इस बाबत कोई संज्ञान नहीं लिया है। न तो फायर ब्रिगेड से एनओसी ली गई और न ही होटल प्रबंधन भेजी गई नोटिसों का जवाब दे रहा है। अग्निशमन अधिकारी पीआर सरोज के मुताबिक शहर में 15-16 होटल हैं, लेकिन किसी ने अब तक फायर ब्रिगेड से एनओसी नहीं ली है। इससे साफ है कि किसी के पास आग लगने पर उससे बचाव के इंतजाम नहीं हैं। छानबीन में शहर के 20 से 22 नर्सिंग होम में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं मिले, उनके पास भी एनओसी नहीं थी। होटल और नर्सिंग होम में जरूरी फायर ब्रिगेड के उपकरण, बालू आदि नहीं हैं। एनओसी न होने पर सभी को फायर ब्रिगेड ने एक साल पहले नोटिस जारी की थी। कई बार रिमाइंडर जारी किए गए लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। हैरत की बात यह है कि ऐसी स्थिति में जिम्मेदार फायर ब्रिगेड कार्रवाई करने में लाचारी जता रहा है। खुद अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि वह नोटिस जारी करने और रिमाइंडर भेजने के अलावा कार्रवाई नहीं कर सकते। इसका अधिकार उनके पास नहीं है।
ढांचागत और फायर व्यवस्था होना बहुत जरूरी
आग से बचाव के लिए होटलों और नर्सिंग होम में दो तरह के इंतजाम होना जरूरी है। पहला ढांचागत इंतजाम, जिसमें होटल निर्माण के दौरान ही ढांचागत व्यवस्था के लिए प्रोविजन नोटिस जारी की जाती है। जिसमें होटल के आसपास जगह छोड़ने, आग लगने के समय लोगों के बाहर निकलने का रास्ता बनाने की शर्त रखी जाती है। होटल या नर्सिंग होम के निर्माण के बाद फायर उपकरण रखना जरूरी है, लेकिन यहां पर न ढांचागत और न ही फायर की व्यवस्था की गई है।
पलिया के होटलों में संसाधन हैं पर प्रशिक्षण नहीं
पलियाकलां। पलिया के होटलों में आग पर काबू पाने के संसाधन लगे हैं, लेकिन कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। हालांकि भारत लाज के स्वामी जसमेल सिंह मांगट, रूपम होटल के स्वामी उमेश गुप्ता के मुताबिक उन्होंने सर्वप्रथम आग की रोकथाम के लिए उपाय किए थे आग पर काबू करने वाले संसाधन लगे हुए हैं। समय-समय पर फायर सर्विस के जवान चेकिंग के लिए भी आते हैं और उपकरणों की जांच भी करते हैं। राय पैलेस, शारदा होटल, लैंडमार्क, रैन बसेरा, अमर होटल, पुष्पाजंली होटल में भी आग पर रोकथाम के कई उपाय किए गए हैं।