मितौली के जवाहर नवोदय विद्यालय का माहौल गर्माया, सुबह चार बजे से छात्र-छात्राएं हुए आंदोलित
एसडीएम ने प्रधानाचार्य को हटाकर उप प्रधानाचार्य को दिया चार्ज, 15 दिन में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से मितौली में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने खुद को हास्टल में कैद कर लिया और प्रधानाचार्य पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल के पोस्टर चस्पा कर दिए। परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी कर प्रधानाचार्य को हटाने की मांग करते हुए उनका आवास भी घेरा। मांग पूरी न होने तक खाने-पीने से लेकर पढ़ाई के बहिष्कार का एलान कर दिया, जिससे विद्यालय स्टाफ समेत अधिकारियों में हड़कंप मच गया। नवोदय संगठन ने मामले का निपटारा कराने के लिए पीलीभीत और शाहजहांपुर के प्रधानाचार्यों को मितौली भेजा। कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों और पुलिस के खिलाफ भी विद्यार्थियों ने नारेबाजी की और बातचीत से इंकार कर दिया। इधर मामले की जानकारी पाकर एसडीएम मंशाराम और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता भी विद्यालय पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे एसडीएम मंशाराम ने प्रधानाचार्य अनीता कुमारी को हटाकर चार्ज उप प्रधानाचार्य आभा शुक्ला को दे दिया, तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
शुक्रवार सुबह चार बजे हाउस मास्टर हाजिरी लगाने के लिए हास्टल पहुंचे, तो प्रधानाचार्य अनीता कुमारी पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए छात्रों ने खुद को हास्टल में कैद कर लिया। छात्रों ने आरोप लगाए कि प्रधानाचार्य उनकी बात सुने बिना ही कार्रवाई करती हैं। इसके अलावा खराब खाना देने, हास्टल की जनरेटर सप्लाई बंद करने, शौचालय और बिस्तर गंदे होने और दूषित पेयजल के आरोप लगाए। हालांकि छात्रों के हाथों में और हास्टल की दीवार पर चस्पा पोस्टरों में सिर्फ प्रधानाचार्य की तानाशाही और उन्हें हटाने की मांग मुख्य तौर पर नजर आई। पुलिस के साथ उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने बच्चों से बात करने की कोशिश की, लेकिन छात्र डीएम और नवोदय के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मंाग पर अड़े रहे। सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही छात्रों के तेवर भी तल्ख होते गए। करीब सवा 10 बजे काफी मान मनौव्वल के बाद छात्र एसडीएम मंशाराम और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता से अकेले में वार्ता को तैयार हुए। एसडीएम और छात्रों के बीच करीब पौन घंटे चली वार्ता के बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त की। छात्रों ने सुबह का नाश्ता भी नहीं किया। एसडीएम की अपील पर छात्रों ने डेढ़ बजे भोजन ग्रहण किया। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस घटनाक्रम के दौरान छात्रों ने कई बार पुलिस और मीडिया कर्मियों पर गुस्सा जाहिर किया। पुलिस को कैंपस से बाहर भेजने औैर पत्रकारों को कैमरे बंद कराने को लेकर नारेबाजी भी की।
छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं मिली हैं। नवोदय के उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद प्रधानाचार्य अनीता कुमारी को 15 दिन के लिए दूसरे विद्यालय से अटैच कर दिया गया है। उप प्रधानाचार्य डॉ आभा शुक्ला को चार्ज देते हुए वित्तीय अधिकार भी दिए गए है। छात्रों को 15 दिनों में दिक्कतें दूर करने का आश्वासन दिया गया है।
-मंशाराम, एसडीएम मितौली
रैगिंग पर कार्रवाई भी हो सकती है विरोध की वजह
लखीमपुर खीरी। जवाहर नवोदय विद्यालय की चहारदीवारी के अंदर हालात ठीक नहीं हैं, क्योंकि छात्रों ने जिस अंदाज में प्रदर्शन किया उससे ऐसा ही जाहिर हो रहा है। आवासीय सुविधा वाले इस विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक के 399 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। 17 अगस्त 2016 को कक्षा नौ के कुछ छात्रों की पिटाई की गई थी, जिसमें रैगिंग का मामला सामने आया था। पीड़ित छात्रों ने कक्षा 11 के छह छात्रों पर आरोप लगाए थे। तब प्रधानाचार्य अनीता कुमारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रों के अभिभावकों को चट्ठी भेजकर बुलाया था, लेकिन अब तक प्रधानाचार्य के समक्ष अभिभावक उपस्थित नहीं हुए हैं।
हालांकि इस मामले की भनक मीडिया को नहीं लग सकी थी। अब छात्रों के प्रदर्शन और उनकी प्रमुख मांगों के पीछे रैगिंग की घटना भी एक वजह हो सकती है। प्रधानाचार्य पद से हटाई गई अनीता कुमारी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कक्षा नौ के छात्रों ने रैगिंग के आरोप लगाए थे, जिस पर कार्रवाई की गई थी। दोनों कक्षाओं के छात्रों को आमने-सामने कर भविष्य में रैगिंग से होने वाली कार्रवाई के बारे में चेतावनी दी गई थी। उन्होंने खाने में खराबी के आरोप निराधार बताए हैं।