स्टूडेंट डाटा मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम में डाटा इंट्री के दौरान हुआ खुलासा
ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में सैकड़ों बच्चों का मिला दोहरा-तिहरा नामांकन
ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों के साथ मदरसा, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय और कस्तूरबा विद्यालयों के बच्चों की डाटा फीडिंग में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसडीएमआईएस (स्टूडेंट डाटा मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम) साफ्टवेयर में डाटा फीडिंग के दौरान कई ऐसे बच्चे मिले जिनका नामांकन दूसरे स्कूलों में भी है। डाटा इंट्री में जब उनके आधार कार्ड फीड किए गए तो यह खुलासा हुआ। ऐसे बच्चों की संख्या दर्जनों में नहीं सैकड़ों में है। भारत सरकार के (यू डॉयस-एसडीएमआईएस) जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत ब्लॉक बांकेगंज के समस्त परिषदीय, मान्यता प्राप्त, मदरसा, सहायता प्राप्त, राजकीय और कस्तूरबा विद्यालयों के विद्यार्थियों की डाटा फीडिंग (एसडीएमआईएस) सॉफ्टवेयर में की जा रही है। इसमें डबल और फर्जी नामांकन का फर्जीबाड़ा सामने आया है। बीआरसी पर हो रहे इस कार्य में डाटा इंट्री का काम बीईओ अनुराग मिश्र की देखरेख में कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप कुमार मिश्र कर रहे हैं। डाटा इंट्री में बच्चों के आधार कार्ड फीड होते समय बीईओ यह देखकर दंग रह गए कि कई बच्चों का नामांकन दो से तीन विद्यालयों तक में है। ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ग्रंट नंबर तीन स्कूल के एक दर्जन विद्यार्थियों का नामांकन इस विद्यालय के साथ दूसरे विद्यालयों में पाया गया। आरएन पब्लिक स्कूल मैलानी का छात्र सौरभ कुमार का आधार कार्ड नंबर जब फीड किया गया तो उसका नामांकन इस विद्यालय के साथ शाहजहांपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय के टोडरपुर तालुकेदार चांदपुर में भी पाया गया। इसी तरह बांकेगंज के प्राथमिक स्कूल जलालपुर के चार बच्चों का नामांकन एसएस मंदिर सुरजनपुर में भी मिला। प्राथमिक स्कूल वजीर नगर की छात्रा अंजली और चांदनी, बहारगंज की छात्रा साइजरीन, मक्कागंज की आकांक्षा यादव और प्राथमिक स्कूल टिहुलिया की छात्रा प्रियांशी का नामांकन दो-दो स्कूलों में पाया गया।
माना यह जा रहा है कि विद्यालयों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अभिभावकों ने इन बच्चों का नामांकन एक साथ स्कूलों में करा रखा है। शिक्षक भी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने, एमडीएम, छात्रवृत्ति और यूनीफॉर्म आदि हड़पने के लिए इस गोरखधंधे में खेल कर रहे हैं, ऐसा प्रतीत होता है।
मालूम हो शासन स्तर पर बच्चों का डाटा इकट्ठा करने के लिए एसडीएमआईएस साफ्टवेयर में बच्चों के आधार कार्डों की डाटा फीडिंग कराई जा रही है, ताकि उनकी योजनाओं पर होने वाले व्यय का आंकलन करने के साथ-साथ योजनाओं का भावी प्रारूप तैयार किया जा सके। इसमें यह भी कहा गया है कि लगातार तीन माह तक स्कूल न आने वाले बच्चों का नाम ड्राप आउट सूची में डाला जाए। डाटा इंट्री फीडिंग में दोहरे-तेहरे नामांकन से शिक्षक और कर्मचारी हैरत में है।
एसडीएमआईएस योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालयों में विद्यार्थियों के आधार लिंक के दौरान पाए गए दोहरे और तेहरे नामांकनों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद विद्यार्थी जिस स्कूल में पढ़ता है उसका नामांकन वहीं रखा जाएगा। डबल नामांकन खारिज होंगे।
-अनुराग मिश्र, बीईओ, बांकेगंज, खीरी।