लखीमपुर खीरी। मच्छर जनित और बैक्टीरिया से होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसका उद्देश्य गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर लोगों को संचारी रोगों से बचाना था। मगर, जिले में सफाई की दशा क्या होगी, इसका अंदाजा नगर के नाले-नालियों की चोक स्थिति को ही देखकर लगाया जा सकता है। ऐसे में गंदगी में पनप रहे मच्छर बीमारी का कारण बन रहे हैं।
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए साफ-सफाई विशेष जरूरी है, क्योंकि जलभराव में मच्छर पनपते हैं और गंदगी में बैक्टीरिया। इनकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने एक से 31 अक्तूबर तक अभियान चलाकर शहर से लेकर गांवों में विशेष रूप से साफ-सफाई के निर्देश दिए। मगर, जिला मुख्यालय पर अभियान की हकीकत मोहल्ले की नालियां और नगर के नाले दिखा रहे हैं। साफ सफाई न होने के कारण नाले और नालियां मलबे से लबालब भरे हुए हैं। इनका पानी गलियों से लेकर सड़क पर बह रहा है। इससेे लोगों को संचारी रोगों से बचाने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री की मुहिम को पलीता लग रहा है।
कई साल से नहीं हुई तली झाड़ सफाई
मोहल्ला थरवरनगंज की दशा खराब है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। मलबे के कारण नाले में पानी भरा रहता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं।
चोक नाले के बाहर बह रहा गंदा पानी
जीआईसी मैदान की ओर से निकलेे नाले की खराब स्थिति जैसी तीन साल पहले थी, वैसी ही आज है। जबकि पालिका प्रशासन सफाई के नाम पर हर साल करीब एक करोड़ रुपयेे खर्च करता है। वहीं बारिश से पहले नालों की सफाई पर 20-25 लाख रुपये अलग से भी खर्च किए जातेे हैं।
सौजन्या चौक में जम गई गंदगी
सामाजिक संस्था सौजन्या की पदाधिकारियों ने आगा साहब कोठी के पास चौराहे का संस्था के नाम सौंदर्यीकरण कराया। मूर्ति के कंधे पर रखी मटकी से गिरता पानी और फौव्वारों की बौछार देखते ही बनती थी। मगर, अब संस्था और पालिका प्रशासन की अनदेखी से उसमें काई की परत जम गई है।
सफाई कर्मियों के वेतन पर खर्च हो रहे एक करोड़
नगर पालिका में सफाई कर्मी
स्थायी -135
संविदा-110
ठेका सफाई कर्मी- 340
नगर पालिका में सफाई संसाधन
डंफर- तीन, जेसीबी-दो, थ्री व्हीलर-14, टाटा मैजिक-तीन, लोडर- 12, अन्य वाहन-27
सौजन्या चौक नगर पालिका को हैंडओवर किए जाने की जानकारी नहीं है। मगर, इसकी देखरेख के साथ नियमित साफ सफाई नगर पालिका ही कराती है। सौजन्या चौक नगर की शान है। चौक में काई जमा होने की जानकारी नहीं है। बुधवार को उसे दिखवाएंगे।
-निरुपमा बाजपेई अध्यक्ष नगर पालिका परिषद
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14 दिन में बुखार और डायरिया पीड़ित 33 बच्चे भर्ती, पांच की मौत
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में 14 दिनों में बुखार, डायरिया और निमोनिया होने पर 33 बच्चे भर्ती हुए। इलाज के दौरान शिवा, आंशी, दिलकश, अनमोल और विनय की मौत हो गई।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा का कहना है कि
मौसम बदल रहा है। ऐसे में बच्चों की देखरेख पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नवजात को गीला न रहने दे। छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराएं। बड़े बच्चों को ताजा बना हुआ ही भोजन दें। बुखार आदि आने पर बिना लापरवाही किए सरकारी अस्पताल लाकर दिखाएं।संवाद