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102 एंबुलेंस स्टाफ की भूख हड़ताल खत्म, धरना जारी

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लखीमपुर खीरी। जिले में संचालित 102 एंबुलेंस स्टाफ का धरना प्रदर्शन निरंतर जारी है। चालक और ईएमटी महिला अस्पताल में धरने पर बैठे हैं। हालांकि संगठन के पदाधिकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है मगर, धरना प्रदर्शन अभी जारी है। संगठन के लोगों का कहना है कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक चक्का जाम रहेगा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि एक दो दिन में शासन और कंपनी के लोग हमारी मांगों का संज्ञान नहीं लेते हैं तो जल्द ही 108 और एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंलबुस सेवा का संचालन भी बंद करा दिया जाएगा। इधर, 102 स्टाफ की हड़ताल गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बनती जा रही है। प्रसव के लिए महिलाएं मोटर साइकिल या फिर अन्य वाहनों से आने को मजबूर हैं।
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जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एवं एलएस के बैनर तले जिलाध्यक्ष पवन शुक्ला सहित तमाम पदाधिकारी पिछले कई दिनों से धरना दे रहे हैं। जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने पहले भूख हड़ताल शुरू की। मगर, इस बीच साथी अनुज कुमार की हालत बिगड़ने पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिलाध्यक्ष ने बताया अब तक किसी ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी समय से वेतन नहीं देती और मनमानी कटौती करती है। महंगाई के इस दौर में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। पिछली बार धरना प्रदर्शन होने पर कंपनी के लोगों ने जो लिखित समझौता किया था उसका भी पालन नहीं कर रहे। धरने पर अतुल कुमार, टीका पाल, पंकज गुप्ता,जहीर खान आदि मौजूद रहे।
बाइक से दवा लेने आ रहीं महिलाएं
ईसानगर सीएचसी ईसानगर में पत्नी को दवा लिवाने आए गांव दुलही निवासी धर्म सिंह ने बताया कि सुबह अचानक पत्नी की हालत बिगड़ गई। 102 पर फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक जब एंबुलेंस नहीं आई तो मजबूरन बाइक पर बैठाकर दवा लेने के लिए आना पड़ा।
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कॉल करने पर नहीं मिल रहा कोई जवाब
जब से हड़ताल शुरू हुई है तब से 102 पर फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा है। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के परिवारवालों का कहना है कि 102 पर जब फोन करो तो फोन उठाने वाला तकनीकी दिक्कत बताकर फोन रख देता है। यदि हड़ताल होना बता दें तो हम लोग दूसरे वाहन की व्यवस्था कर लें। इंतजार में समय तो न खराब करें।
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फोन करने पर रिस्पांस मिलता है। गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल आने में असुविधा न हो इसलिए 102 की जगह 108 सेवा एंबुलेंस सेवा मुहैया कराई जा रही है।
-संजय पांडे, इमरजेंसी मैनेजमेंट एक्जीक्यूटिव, 108,102 एवं एएलएस एंबुलेंस सेवा
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