लखीमपुर खीरी। भारत सरकार ने पोषण अभियान के तहत पोषण पखवाड़ा लांच किया है, जिसकी थीम में पुरुषों की सहभागिता पर फोकस रहेगा। पोषण पखवाड़ा आठ से 22 मार्च 2020 तक चलेगा, जिसमें छह मुख्य कार्य किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान आठ विभागों की सहभागिता रहेगी। पोषण पखवाड़ा के लिए दिवस अनुसार कैलेंडर जारी किया गया है, जिसमें अलग-अलग दिनों में पोषण के विभिन्न मुद्दे शामिल किए गए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने पोषण पखवाड़े की जानकारी देते हुए बताया है कि पोषण व्यवहार के संबंध में आम जनमानस को जागरूक किया जाना है। इसके लिए आठ मार्च को जनपद, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर पोषण गान और पोषण शपथ के साथ शुभारंभ किया जाएगा। इस दिन 11 से 14 वर्ष तक स्कूल न जाने वाली किशोरियों की जांच के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच काउंटर लगाए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जीरो से दो वर्ष तक के सभी बच्चों के घरों का भ्रमण कर सूची बनाई जाएगी। भ्रमण के दौरान परिवार के वरिष्ठ सदस्यों जैसे पुरुषों, बुजुर्ग, मां, सास आदि से संपर्क करके उन्हें पोषण की जानकारी दी जाएगी। वहीं बच्चों को दिए जा रहे ऊपरी आहार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ट्रिपल ए पद्धति अर्थात एक्सेस (सुनो), एनालिसिस (समझो), एक्ट (सलाह देना) का उपयोग किया जाएगा।
गांवों में लगेगी पोषण चौपाल
प्रथम सप्ताह में नौ मार्च को ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक करके स्वच्छता और पोषण पर चर्चा की जाएगी। स्कूलों में किशोर-किशोरियों का वजन लेकर आयरन की गोलियों का वितरण किया जाएगा। 10 मार्च को ग्रामीण पोषण दिवस पर प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर फल, सब्जी और अनुपूरक पुष्टाहार को समाहित करते हुए व्यंजन प्रतियोगिता की जाएगी। 11 मार्च को प्रभात फेरी और पोषण रैली निकाली जाएगी। ब्लॉक स्तर पर पोषण चौपाल लगाई जाएगी। पखवाड़े के दौरान पोषण साइकिल रैली निकाली जाएगी।
सैम और मैम बच्चों का होगा बेसलाइन सर्वे
पोषण अभियान के दौरान ऐसे बच्चे जिनका अब तक स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है, उनका बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। स्वस्थ्य भारत प्रेरक वैद्रुमी त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में बच्चों का परीक्षण कराकर सैम (कुपोषण केंद्र रेफर होने वाले बच्चे) और मैम (सीएचसी रेफर होने वाले बच्चे) बच्चों को चिह्नित करके बेसलाइन सर्वे तैयार किया जाएगा।