लखीमपुर खीरी। कलक्ट्रेट में पीसीएनडीटी (लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम) की बैठक महिला अस्पताल में इलाज के लिए आई गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत का कारण बन गई। रेडियोलॉजिस्ट के बैठक में शमिल होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला पड़ गया। जिससे दूर-दराज से आई महिलाएं बिना जांच कराएं ही लौट गईं।
लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम को लेकर सोमवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल होने के लिए महिला अस्पताल के रेडियालॉजिस्ट एस के नायक भी चले गए। उनके जाने का नोटिस चस्पा न होने के कारण गर्भवती एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कक्ष के बाहर लाइन लगाए बैठी रहीं। अस्पताल प्रशासन ने भी रेडियोलॉजिस्ट के मौजूद न होने की जानकारी महिलाओं को देना आवश्यक नहीं समझा। ऐसे में जांच कराने आई महिलांए कई घंटे लाइन में बैठी रहीं और उसके बाद बिना जांच के ही वापस लौट गई।
महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा होने की जानकारी नहीं मिली है। इस संबंध में सीएमएस से वार्ता की जाएगी।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ