लखीमपुर खीरी। देश को फाइलेरिया रोग मुक्त करने के लिए सोमवार को शुरू हुए अभियान का शुभारंभ सदर विधायक योगेश वर्मा और सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने फाइलेरिया की स्वयं दवा खाकर की। सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया को गांव में हाथीपांव कहते हैं। शुरुआत में इसके लक्षण नहीं दिखते, लेकिन बाद में हाथ, पैरों के साथ महिलाओं के स्तन एवं पुरुषों के अंडकोष में सूजन आ जाती है।
सदर विधायक ने लोगों को दवाएं खाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए ही अभियान शुरू हुआ है। सभी लोग इसकी दवाएं अवश्य खाएं। अभियान के पहले दिन जिला अस्पताल में लगे कैंप में सहायक मलेरिया अधिकारी एबी सिंह की मौजूदगी में स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुभाष वर्मा एवं कृष्ण मोहन ने 276 लोगों को दवाएं खिलाई। सीएमएस डॉ. आरके वर्मा, एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, बीसी पंत, डॉ. आरके चौधरी, डॉ.रविंद्र शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी स्वतंत्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
दो साल से कम के बच्चों को नहीं खिलानी है दवा
जिला मलेरिया अधिकारी स्वतंत्र मिश्रा ने बताया कि दो साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को उनकी उम्र और लंबाई के अनुसार एलबेंडाजोल, डीईसी एवं आइवरमक्टिन की दवा आशा वर्कर घर घर जाकर अपने सामने खिलाएंगी। उन्होंने बताया कि लंबाई के अनुसार 119 सेंटीमीटर तक आइवरमक्टिन की एक गोली, 120 से 140 सेंटीमीटर तक को दो, 141 से 158 सेंटीमीटर तक तीन और 159 सेंटीमीटर से अधिक लंबे व्यक्तियों को चार गोलियां खिलानी हैं।
जागरूकता रैली निकाली गई
मितौली। फाइलेरिया अभियान के तहत कस्बे में जागरुकता रैली को एसडीएम दिग्विजय सिंह ने सीएचसी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शामिल छात्र-छात्राएं एवं आशा वर्करों ने लोगों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए जागरूक किया। बीईओ सुनील कुमार सिंह, एनपीआरसी जगमोहन मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएन चौहान, डॉ. रवि सिंह, डॉ. संजय वर्मा, डॉ. शोएब अख्तर, अमृता शुक्ला मौजूद रहीं।