बिजुआ/लखीमपुर खीरी। आवश्यक सेवा एंबुलेंस की हड़ताल सड़क हादसों में घायल हुए दो मरीजों पर भारी पड़ गई। अलग-अलग हादसों में घायल हुए दोनों लोग काफी देर तक सड़क पर तड़पते रहे, जैसे-तैसे एक को प्राइवेट वैन और दूसरे यूपी 100 की गाड़ी से अस्पताल भेजा गया, मगर उसका कोई लाभ नहीं मिला।
पड़रिया तुला का रहने वाला अजय उर्फ छोटे (20) सोमवार रात बिजुआ से लखीमपुर बाइक से आ रहा था। बिजुआ सीएचसी से पांच सौ मीटर दूर उसकी बाइक ट्रक की चपेट में आ गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने घायल को तड़पता देखकर 108 एंबुलेंस को फोन लगाया। वहां से जवाब मिला कि हड़ताल है। तब गांव के लोगों ने किसी तरह वैन का इंतजाम किया और अजय को लेकर किसी तरह सीएचसी पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल जाते वक्त वैन रास्ते में खराब हो गई, जिससे वह दो घंटे बाद जिला अस्पताल पहुंच पाया। यहां भी डॉक्टरों ने मरीज की हालत बहुत ज्यादा गंभीर देखी तो उसे लखनऊ रेफर कर दिया। रास्ते में सीतापुर के आगे मरीज की मौत हो गई।
ऐसी ही एक और घटना में नौमना सिंगाही के रमेश (40) की मौत हो गई। रमेश मंगलवार को बाइक से मैलानी की ओर जा रहे थे। भीरा तिराहे पर सामने से आती फार्च्यूनर गाड़ी ने बाइक को रौंद दिया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने 108 एंबुलेंस को फोन लगाया, इस मामले में भी हड़ताल होने का जवाब मिला। बाद में सूचना पर यूपी-100 पुलिस की गाड़ी पहुंची। उसने किसी तरह मरीज को बिजुआ सीएचसी तक पहुंचाया। जब तक डॉक्टरों ने इलाज प्रारंभ किया, तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। अगर दोनों मरीजों को एंबुलेंस समय से मिल जाती तो शायद इनकी जान बच सकती थी।