लखीमपुर खीरी। पसगवां ब्लाॅक के जमुका गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का गबन का मामला सामने आने पर प्रधान के वित्तीय अधिकार तो सीज कर दिए गए, लेकिन सचिवों पर कार्रवाई अब तक नहीं हुई। विकास कार्यों में प्रधान से कहीं अधिक सचिव जिम्मेदार होते हैं। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत में शौचालय की मरम्मत, खड़ंजा निर्माण, चहारदीवारी, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप मरम्मत आदि के कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप है। वर्ष 2024 -25 में गांव के सामुदायिक शौचालय मरम्मत में दो लोहे के गेट, दो वाशबेसिन, नल में समरसेबल, वाटर पाइप, बिजली फिटिंग, पानी की टंकी, स्टार्टर, शौचालय की लाइटें आदि लगवाया जाना बताया, लेकिन जांच अधिकारी की रिपोर्ट में शौचालय कई वर्षों से बंद व अत्यंत जर्जर बताया।
वर्ष 2023-24 में मरम्मत पर 87 रुपये व्यय किए गए, लेकिन पुष्टि नहीं हुई। खड़ंजा, शौचालय, प्लास्टर आदि कार्यों के नाम पर खेल पाया गया। हैंडपंप की मरम्मत में भी गड़बड़ी मिली। करीब 13 लाख से अधिक गबन का मामला सामने आने के बाद सात अक्तूबर को प्रधान के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन एडीओ पंचायत व चार सचिवों पर अब तक कार्रवाई न होना चर्चा का विषय बना है।
डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि सचिवों पर विभागीय कार्रवाई की गई है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद रिकवरी सहित और भी कार्रवाई की जाएगी। इसमें दो ग्राम विकास व दो ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। संवाद