केसरिया कपड़ों में कांवड़ियों के जत्थों से भर गई जिले की सड़कें
सावन के पहले सोमवार को शिव का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दूर से कांवड़ियों का आना शुरू हो गया है। इस सोमवार को हजारों कांवड़ियों के आने की संभावना है। सावन के पहले सोमवार के लिए शिवालयों को भव्यता से सजाया गया है। मंदिरों को फूलों की लड़ियों और बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है।
गोला गोकर्णनाथ, लिलौटीनाथ, टेढ़ेनाथ, भुइफोरवानाथ आदि शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्घालु जुटते हैं। इसके मद्देनजर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन मंदिरों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इन मंदिरों में कई श्रद्घालु भंडारे का आयोजन करते हैं। इसके लिए रविवार से ही तैयारियां शुरू हो गई हैं।
तमाम श्रद्घालुओं ने बाहर से आने वाले कांवड़ियों के स्वागत सत्कार और भोजन के लिए विशेष व्यवस्था की है। कई जगह पांडाल लगाकर कांवड़ियों के विश्राम का प्रबंध किया गया है। रविवार को जिले की तमाम सड़कों पर केसरिया कपड़े पहले कांवड़ियों के बड़े बड़े जत्थे शिव मंदिरों की ओर बढ़ते दिखाई दिए। सड़कों पर गुजरने वाले कांवड़ियों के जयकारों से पूरा वातावरण शिवभक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा है।