सीओ धौरहरा ने छात्राओं को दिए आत्म सुरक्षा के टिप्स
खमरिया। छात्राएं खुद में आत्मविश्वास जगाकर अपराजेय बनें, तभी अपराजिता कार्यक्रम की मुहिम साकार होगी। यह बात श्री चंद्रप्रभा विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में सीओ धौरहरा संजय नाथ तिवारी ने कही।
अमर उजाला फाउंडेशन के तहत आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि सीओ धौरहरा संजय नाथ तिवारी ने कॉलेज प्रधानाचार्य शैलेंद्र श्रीवास्तव और खमरिया चौकी प्रभारी शिवाजी दुबे के साथ सरस्वती पूजन व दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
सीओ संजयनाथ तिवारी ने महिला सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे पुलिस विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1090 और 112 के बारे में बताते हुए कहा कि छात्राओं को किसी भी शिकायत के लिए बस सिर्फ यह दो नंबर डायल करने हैं, जिससे पुलिस में उनकी तत्काल सुनवाई होगी। 1090 की खास बात यह है कि दूसरी तरफ से महिला पुलिसकर्मी ही फोन उठाएंगी और शिकायत करने वाली छात्रा या महिला की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आत्मसुरक्षा के टिप्स देते हुए उन्होंने कहा कि अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए छात्राएं लाल मिर्च का पाउडर, ज्यॉमेट्री बॉक्स के प्रकार या नुकीले पेन का इस्तेमाल कर सकती हैं। यह चीजें वह स्कूल बैग में हमेशा अपने साथ रखें।
कार्यक्रम को खमरिया चौकी प्रभारी शिवाजी दुबे ने भी संबोधित किया और कहा कि अगर 1090 या 112 नंबर न मिले तो 1098 और 181 नंबर पर भी कॉल कर किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना दे सकती हैं। अंत में प्रधानाचार्य शैलेंद्र श्रीवास्तव ने सभी का आभार जताया। संचालन कॉलेज की वरिष्ठ शिक्षिका अर्चना अवस्थी ने किया।
अपराजिता मुहिम के साथ जुड़कर छात्राओं को मिलेगी बॉक्सिंग और कराटे की ट्रेनिंग
कार्यक्रम के दौरान सीओ संजयनाथ तिवारी ने कहा कि छात्राओं की आत्मसुरक्षा के प्राथमिक उपायों में बॉक्सिंग व कराटे सबसे कारगर हैं। कहा कि वह इच्छुक छात्राओं को अपराजिता मुहिम के साथ प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों के साथ छात्राओं को बॉक्सिंग व कराटे की ट्रेनिंग करा सकते हैं। क्योंकि छात्राओं को आत्मविश्वास स्कूल और कॉलेज से ही मिल सकता है। इस पर छात्राओं ने तालियों से उनका स्वागत किया।
छात्राओं ने किए सवाल-जवाब
सवाल- नाबालिग आरोपी को सजा क्यों नहीं होती है?
जवाब- वारदात को अंजाम देने के बाद कोई भी आरोपी बच नहीं सकता। नाबालिग से कुकृत्य पर पॉक्सो एक्ट है तो नाबालिग आरोपियों के लिये अलग से जेल और उनकी अदालत है। कानून से कोई आरोपी नहीं बच सकता।
सवाल- शिकायत के बाद भी कोई सताए तो क्या करें ?
जवाब- एक बार शिकायत के बाद भी चाहे कितना भी ढीठ आरोपी हो, लगभग सावधान हो जाता है। लेकिन फिर भी घबराएं न और 1090 पर मांगे गए फीडबैक में सही जानकारी दें। इसके अलावा न मानने पर हम हैं।
सवाल- किसी अप्रिय स्थिति में अगर हम अकेले हैं तो क्या करें?
जवाब- 1090 या 112 पर कॉल करें। इसके लिये मोबाइल में पहले नंबर पर यह नंबर सेव करें। आत्मसुरक्षा में किया गया हमला जुर्म नहीं है। कुछ देर तक बातों में उलझा सकती हैं। तब तक पुलिस के पास आपकी लोकेशन पहुंच चुकी होगी और पुलिस आपसे संपर्क करेगी।