बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए चाहे जितनी योजनाएं चल रही हों, लेकिन शिक्षक ही उनका पलीता लगा रहे हैं। पढ़ाने से ज्यादा उनको स्कूल बंद करके भागने की पड़ी रहती है। ऐसा ही मामला धौरहरा ब्लॉक क्षेत्र के गुलरिया तालुकेदार ऐरा प्राथमिक विद्यालय में सामने आया। गुरुजी एक बजे के बजाए 12:15 बजे ही स्कूल बंद करके चले गए। उनके साथ पूरा स्टाफ भी चला गया। बीएसए तक शिकायत पहुंची तो जांच कराई गई जिसमें गुरुजी की पोल खुल गई। अब बीएसए ने पूरे स्टाफ का एक दिन वेतन रोककर जवाब तलब किया है।
प्राथमिक विद्यालय गुलरिया तालुकेदार ऐरा में इंचार्ज प्रधानाध्यापक इकबाल मोहम्मद, सहायक अध्यापक सौंदर्य शर्मा और सहायक अध्यापक अजब सिंह की तैनाती है। नौ जुलाई 2019 को सहायक अध्यापक सौंदर्य शर्मा शहर में थे, जिसकी सूचना किसी ने बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह को दे दी। इसके बाद बीएसए ने तुरंत ही बीईओ धौरहरा उपेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए। बीईओ ने न्याय पंचायत समन्वयक को विद्यालय भेजकर जांच कराई तो पता चला कि दोपहर 12:15 बजे ही विद्यालय कर शिक्षक चले गए। इस रिपोर्ट पर बीएसए ने तीनों शिक्षकों का एक दिन वेतन रोक दिया। सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ने बताया कि बीईओ से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद तीनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का अगला कदम उठाया जाएगा।
पीलीभीत की राजनीति में जुटे शिक्षक का वेतन भी रुका
लखीमपुर खीरी। पलिया ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय निबुआ बोझ के सहायक अध्यापक गिरीश कुमार का एक दिन रोका गया है। बीएसए ने बताया कि छह जुलाई को शिकायत मिली थी कि गिरीश कुमार विद्यालय में नहीं है, बल्कि पीलीभीत जिला पंचायत अध्यक्ष की बैठक में शामिल होने गया है। वहां की अध्यक्ष उनकी करीबी रिश्तेदार हैं और वह अक्सर पीलीभीत जाते हैं। आने-जाने में आसानी रहे, इसलिए नियुक्ति भी पीलीभीत जिले की सीमा पर करा रखी है। मामले की जांच कराई गई तो उस दिन तो वह ‘अर्जित अवकाश’ पर पाए गए। वहीं लेकिन नौ जुलाई को गिरीश कुमार फंस गए। उस दिन अचानक विद्यालय पहुंचे बीईओ ओंकार सिंह को गिरीश कुमार बिना सूचना अनुपस्थित मिले। इसके बाद बीएसए ने शिक्षक का एक दिन का वेतन रोकते हुए जांच के निर्देश दिए। उधर, बीईओ ओंकार सिंह ने बताया कि नौ जुलाई से शिक्षक चिकित्सीय अवकाश पर चला गया है।