बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में परिषदीय शिक्षक भी उलझे हुए हैं। विद्यालय परिसरों में एसआईआर फार्म भरने के लिए माथा-पच्ची पूरे दिन हो रही है। इस कार्य में बीएलओ, लेखपाल, शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षा मित्र लगाए गए हैं।
निगरानी में प्रशासनिक अधिकारी भी घंटे दो घंटे में पहुंच रहे हैं। ऐसे में पठन-पाठन का कार्य बिगड़ा हुआ है। शिक्षक भी एसआईआर प्रक्रिया में व्यस्त हैं। अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में पोलिंग बूथ हैं। इसलिए एसआईआर फार्म भरने का मुख्य केंद्र स्कूलों को ही बनाया गया है। यहां बूथ लेवल अफसर (बीएलओ ) और उनकी निगरानी में लगाए गए लेखपाल, शिक्षक और शिक्षामित्र भी जुट रहे हैं।
दिन भर एसआईआर फार्म अपलोड करने की माथा-पच्ची चल रही है। लगभग एक महीने से यह प्रक्रिया चलने के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल बिगड़ा हुआ है। विभागीय जानकार बताते हैं कि एसआईआर की वजह से ही 28 नवंबर से होने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा स्थगित कर दी गई है। अब इसकी नई तिथि 10 दिसंबर कर दी गई है। इसके अलावा पाठ्यक्रम भी अभी पूरा नहीं हुआ है।
शिक्षकों पर एसआईआर के साथ-साथ पाठ्यक्रम पूरा करके बच्चों के परीक्षा कार्य का बोझ अतिरिक्त रूप से बढ़ गया है। जानकारों के अनुसार, पलिया विधान सभा के बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र में 132 परिषदीय शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक एसआईआर कार्य में लगा दिए गए हैं। इससे फुर्सत मिलने के बाद ही वह शैक्षिक कार्य में समय दे पाएंगे।
परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था
-परिषदीय विद्यालय-185
-कुल छात्र संख्या- 15632
-शिक्षक- 508
- शिक्षा मित्र-195
-अनुदेशक-95
एसआईआर में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी सहयोगात्मक लगाई गई है। केवल 132 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक लगाए गए हैं। हालांकि, यह सभी एसआईआर के साथ शिक्षण कार्य भी कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जा रही है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षक और मेहनत करके कोर्स पूरा कराएंगे और बच्चों का रिवीजन भी कराएंगे।
- राकेश कुमार, बीईओ,ब्लॉक बांकेगंज