शिवानी बोली- अभी बरात आएगी.. वह लोग आ ही रहे होंगे
लाल जोड़े में सजी संवरी दुल्हन शिवानी ने बिलखते हुए हर किसी को बताती रही कि भैया मेरी बरात अभी आएगी। वह लोग आ ही रहे होंगे। शुक्रवार को भी शिवानी बरात के इंतजार में सजी-धजी बैठी रहे। शिवानी को आस थी कि उसका होने वाला पति पंकज बरात लेकर आएगा और उसे ब्याह कर ले जाएगा। एक तरफ शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल था। लेकिन, मामले के तूल पकड़ने के बाद देर शाम वर पक्ष लड़के को लेकर शिवानी के द्वार पहुंचा और विवाह सम्पन्न करवाया।
पैसो के आगे खून के रिश्ते भी हुए तार-तार
शिवानी की बरात उसकी सगी बुआ के यहां से आनी थी। लेकिन शादी वाले दिन दुल्हन की सगी बुआ भी काम नहीं आई। शिवानी की शादी रिश्ते में सगी बुआ के लड़के के साथ तय हुई थी, जिसमें दो माह पूर्व लड़की के पिता ने अपनी हैसियत के हिसाब से पचास हजार नगद और पचास हजार के कपड़े और फल जेवर सहित सगाई में दिये थे। 22 अप्रैल को बरात लेकर आना था। लेकिन अतिरिक्त दहेज बाधा बन गया। जिस की मांग पर लड़की पक्ष के लोगों ने असमर्थता जाहिर की तो लड़के पक्ष के लोग बरात लाने से मना कर दिया।