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बाढ़ से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार

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धौरहरा में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देते पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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धौरहरा/शारदानगर (लखीमपुर खीरी)। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर और जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख शनिवार को राजकीय हेलीकॉप्टर से शारदा बैराज हेलीपैड पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। बंधों की संवेदनशीलता को देखते हुए अति सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने बंधों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग, बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री देने के निर्देश दिए।
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अनिल राजभर ने समीक्षा बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं बाढ़ की स्थिति की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उनके निर्देश के क्रम में वह चार जिलों के भ्रमण कार्यक्रम पर आए हैं। बाढ़ एवं कटान की चुनौती का किस प्रकार से सामना करेंगे इसके लिए अधिकारी तैयारी रहें। बाढ़ से बचाव को स्थायी समाधान के लिए प्रदेश सरकार सजग है। मुख्यमंत्री की सजगता और सक्रियता के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों के पलायन में गिरावट आई है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष दोगुना पानी आ चुका है फिर भी स्थिति नियंत्रित है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त नावों का प्रयोग कदापि न करे और नावों में क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाया जाए। उन्होंने चारे की व्यवस्था, पशुओं के टीकाकरण सहित अन्य बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग की टीमें कार्य करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सर्पदंश की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संबंधित एसडीएम निगाह रखें और भ्रमण करते रहें। नाविकों का समय से भुगतान कराएं तो बाढ़ और कटान से कैसे बचा जाए और उसके प्रभाव को कैसे कम किया जाए, उसकी अगले 45 दिन की कार्ययोजना बनाएं। बलदेव सिंह औलख ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सीएमओ को बाढ़ के दृष्टिगत एक अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी दी। डीएम ने बताया कि तीन वर्षों में काफी संख्या में प्रोजेक्ट स्वीकृत होने से स्थिति में काफी सुधार हुआ है। रैनी समदहा में शारदा का ओवरफ्लो हुआ था वहां वर्तमान में स्थिति नियंत्रित है। जंगल नंबर सात में कटान शुरू हुआ था, जहां अधिकारियों की सजगता के चलते दो-तीन दिन में स्थिति नियंत्रण में आ गई। बाढ़-कटान पीड़ितों को राहत सामग्री का भी वितरण किया गया है।
बैठक में विधायक सदर योगेश वर्मा, विधायक श्रीनगर मंजू त्यागी, जिलाध्यक्ष भाजपा सुनील कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव सिंचाई टी वेंकटेश, एएसपी सत्येंद्र कुमार, सीडीओ अरविंद सिंह, सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, एडीएम अरुण कुमार सिंह, मुख्य अभियंता शारदा एसपी सिंह, अधीक्षण अभियंता बाढ़ खंड एसके पांडेय, अधीक्षण अभियंता द्वादश मंडल सिंचाई कार्य लखनऊ रामेश्वर मिश्रा, एक्सईन बाढ़ खंड राजीव कुमार, एक्सईन सिंचाई खंड लखीमपुर डीसी वर्मा, एक्सईएन सिंचाई खंड प्रथम ओपी वर्मा मौजूद रहे।
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