लखीमपुर खीरी। किसानों की फसलों के लिए समस्या बनें और मार्ग दुर्घटनाओं का कारण बन रहे गोवंशीय पशुओं को लेकर प्रदेश सरकार ने नई एडवाइजरी जारी की है। अब सभी पशुपालकों के गोवंशीय पशुओं की टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। ताकि कोई पशुपालक इन्हें खुला न छोड़ सके। इसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के कान में टैगिंग कराई जाएगी। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायतों में वैक्सीनेटर का चयन किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकसारी डॉ. टीके तिवारी ने बताया कि सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार समस्त पशुओं में ईयर टैगिंग करने का निर्णय लिया गया हैं। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर टीकाकरण के लिए एक वैक्सीनेटर एवं टैंगिंग के लिए एक हेल्पर का चयन कर तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण एवं ईयर टैगिंग का कार्य किया जाएगा। ग्राम पंचायत में न्यूनतम 1000 पशु संख्या होनी चाहिए। यदि किसी ग्राम पंचायत में 1000 से कम पशु संख्या है, तो संख्या की प्रतिपूर्ति निकटस्थ ग्रामसभा से की जाएगी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ पशुपालकों को तभी मिलेगा, जब गोवंश के कान में टैगिंग का छल्ला होगा।