मढिया घाट स्थित गोमती नदी से जल का नमूना संकलित करती शोधार्थी टीम की सदस्य। संवाद
मैगलगंज। गोमती नदी की दिन-प्रतिदिन बिगड़ती हालत अब चिंता का विषय बन चुकी है। तेजी से बढ़ता प्रदूषण, जल स्रोतों का क्षरण और मानवीय लापरवाही इस नदी के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग से आई टीम ने मढिया घाट से नदी के जल का नमूना संकलित किया, जिसकी प्रयोगशाला में जांच की जाएगी।
अपनी टीम के साथ आईं भूगर्भ विभाग की शोधार्थी अनीता ने बताया कि उनकी टीम ने गोमती नदी के सीतापुर से लेकर सुल्तानपुर तक के बहाव क्षेत्र में अनेक स्थानों से जल के नमूने एकत्र किए हैं। शोध का प्रमुख उद्देश्य गोमती नदी की वर्तमान जल गुणवत्ता का मूल्यांकन कर भविष्य के लिए कार्ययोजना बनाना है। सभी नमूनों का परीक्षण भारत सरकार द्वारा पंजीकृत प्रयोगशालाओं में कराया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय की विशेष समिति को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से आगे की योजना बनाई जाएगी।