लखीमपुर खीरी। मोक्षदायनी गोमती नदी को अब संजीवनी मिलने की उम्मीद हैै। कई दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रही गोमती नदी की सिल्ट सफाई का काम कराया जाएगा। इससे नदी के बहाव को गति मिलेगी। तो दूसरी ओर मनरेगा से काम कराए जाने से बड़ी संख्या में मजदूरों को रोजगार भी मिलेगा। इसी महीने मोहम्मदी ब्लॉक से गोमती की सिल्ट/ठेक हटाने के कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।
जनपद में 84 किमी दूरी में बहने वाली इस नदी के आसपास 32 ग्राम पंचायतें स्थित हैं। सिंचाई विभाग खंड प्रथम और मनरेगा विभाग मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम करेगा, जिसके लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। सबसे ज्यादा पसगवां ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतें गोमती नदी के किनारे बसी हैं। जबकि मोहम्मदी और गोला ब्लॉक की सात-सात ग्राम पंचायतें गोमती नदी के किनारे स्थित हैं। उपायुक्त मनरेगा राजनाथ भगत ने बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की छह नदियों की सिल्ट सफाई के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसमें गोमती नदी भी शामिल है। इसलिए मनरेगा से गोमती नदी के बीचों-बीच स्थित सिल्ट/ठेक की सफाई का काम मनरेगा से कराया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि नदी के एक किमी दूरी में सफाई पर कराने पर चार से साढ़े लाख रुपये तक व्यय होने का अनुमान है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट पर 3.78 करोड़ रुपये व्यय हो सकता है।
डेढ़ लाख मानव दिवस सृजित होने की उम्मीद
सिल्ट सफाई कराए जाने से गोमती नदी को पुनर्जीवन मिलेगा, तो वहीं मनरेगा जॉबकार्डधारकों को तीन करोड़ रुपये तक रोजगार हासिल करने का मौका मिलेगा। लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को रोजगार दिलाने में गोमती नदी का प्रोजेक्ट किसी राहत से कम नहीं है।
गोमती नदी के बीच में कई जगहों पर सिल्ट जमा होने से ठेक (अवरोधक) बन गए हैं, जिन्हें ग्राम पंचायतों द्वारा मनरेगा से हटाएंगी। यह कार्य सिंचाई विभाग खंड प्रथम की निगरानी में कराए जाएंगे। इसी महीने मोहम्मदी ब्लॉक से शुभारंभ किया जाएगा।
-राजनाथ भगत, उपायुक्त, मनरेगा --
पहली बार है जब मनरेगा से गोमती नदी की सफाई होने जा रही है। इससे पहले कई दशकों से गोमती नदी की सफाई के लिए कोई बजट प्राप्त नहीं हुआ था। इससे नदी का बहाव तेज होगा, जिससे नदी का पानी भी साफ होगा।
-ओमप्रकाश वर्मा, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई खंड प्रथम