पौराणिक शिव नगरी छोटी काशी में अनेक प्राचीन शिवालय हैं। इसी कड़ी में पौराणिक शिव मंदिर से एक किमी दूरी पर अलीगंज रोड के मजिस्ट्रेट फार्म में स्थित बाबा गोकर्णनाथ मंदिर है। यह मंदिर भी भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है। मंदिर के पुजारी दिनेश कुमार मिश्र और फार्म के श्रमिक बताते हैं कि रात में शिव मंदिर में नाग देवता का पहरा रहता है। ज्यों ही सूर्य का उदय होता है वे मंदिर से चले जाते हैं।
अलीगंज रोड स्थित मजिस्ट्रेट फार्म के प्राकृतिक वातावरण में वर्ष 1920 में बाबा गोकर्णनाथ मंदिर की स्थापना हुई थी। मंदिर के अंदर सफेद पत्थर से निर्मित शिवलिंग और नंदी की मूर्ति के साथ श्री गणेश जी, श्री हनुमानजी, ब्रह्मा जी आदि कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर के चारों ओर भक्तों के भजन-कीर्तन और ठहरने के लिए बरामदा बना है। मंदिर के चारों ओर परिक्रमा स्थल भी है। प्रतिदिन पूजा करने वाले मंदिर के सरवराकार ज्ञानचंद गुप्त और अन्य भक्त बताते हैं मंदिर में सच्चे मन से मानी हुई हर मुराद भगवान भोलेनाथ पूरी करते हैं।
मंदिर परिसर में स्थापित है प्राचीन कुआं
मंदिर के सरवराकार ज्ञानचंद गुप्त के पुत्र प्रवीण गुप्त ने बताया कि उनके परबाबा स्वर्गीय रघुवर दयाल वैश्य ने वर्ष 1920 में बाबा गोकर्णनाथ मंदिर की स्थापना के साथ ही क्षेत्र के कई मंदिरों में 18 कुएं बनवाए थे। उन्हीं में से एक कुआं मंदिर परिसर में स्थापित है। मंदिर के शताब्दी समारोह पर पूरे मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।