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Lakhimpur Kheri News: धर्म की हानि होने पर जन्म लेते हैं भगवान

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भागवत कथा में सजाई गई राधा कृष्ण की झांकी। स्रोत: संवाद
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पसगवां। ग्राम जमिरहा में आयोजित शतचंडी महायज्ञ में वृंदावन से आए कथा व्यास पं. देवदत्त मिश्र ने भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। इस अवसर पर बधाइयां गाकर जन्मोत्सव मनाया।
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आचार्य ने कहा कि धर्म की हानि होने पर और अधर्म के बढ़ने पर ही भगवान जन्म लेते हैं लेकिन इसके लिए भगवान को आर्तनाद से पुकारना पड़ता है। उनके शरणागत होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम कितने ही देवी देवताओं की उपासना कर लें लेकिन अंततोगत्वा भगवान की शरण में आना ही पड़ता है। उन्होंने वामन अवतार की कथा सुनाकर यह स्पष्ट किया कि भगवान किस प्रकार से लीला करते हैं। राजा बालि को शुक्राचार्य ने समझाया लेकिन वह समझ नहीं पाया। भक्त प्रह्लाद की मार्मिक कथा के माध्यम से नृसिंह अवतार की कथा सुनाई। कथा के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने गो सेवा को अनिवार्य बताते हुए कहा कि गाय में सारे तीर्थ होते हैं। वर्तमान समय में गोसेवा की प्रबल आवश्यकता है। कथा में राधा-कृष्ण की झांकी सजाई गई।
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