ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग बना है बेखबर
क्षेत्र में सक्रिय बाघ छेदीपुर गांव में घुसकर रात को एक ग्रामीण के पशुबाड़े से बकरी उठा ले गया। इससे गांव में दहशत है।
छेदीपुर गांव के प्रधान पुत्र हरिओम ने बताया कि रात लगभग 11 बजे बाघ हरिराम के पशुबाड़े में घुस गया और बकरी को दबोच लिया। इस पर बकरी की चीख सुनकर पास में ही सो रहे हरिराम की नींद खुल गई। बाघ देखकर उसके होश उड़ गए। बाघ के दूर चले जाने पर किसी तरह हिम्मत जुटाकर हरिराम ने शोर मचाया। आवाज सुनकर इंद्रजीत, भगवानदीन, संतराम, बनवारी लाल, राजेंद्र प्रसाद, जबरे, बलिराम, राधेश्याम, मातादीन, लेखराम आदि तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बाघ को गांव से खदेड़ा, लेकिन बाघ ने बकरी को नहीं छोड़ा। बता दें कि इससे पहले भी एक बाघ खेतों में बकरी चराने गए खरेहटा निवासी 70 वर्षीय भोगन को हमला कर मार चुका है। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। छेदीपुर के ग्रामीणों ने गांव में घुसकर बकरी को उठा ले जाने की जानकारी वन विभाग को दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों में बाघ की दहशत व्याप्त है और वे जंगल किनारे स्थित अपने खेतों में जाने से घबराने लगे हैं। इस बाबत वन रेंज अधिकारी मैलानी डीएस यादव ने बताया कि जानकारी मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है।