- धौरहरा में शारदा और घाघरा की विनाशलीला जारी
- भुर्जिनपुरवा का आधा स्कूल भी शारदा की चपेट में
- ईसानगर के हुलासपुरवा में घाघरा ने आठ घर उजाड़े
तहसील क्षेत्र के लालापुर के मजरा सुजानपुर में घाघरा नदी किसानों के खेतों को काटती हुई इलाके में तबाही मचा रही है। ईसानगर के हुलासपुरवा में बस्तियों का उजड़ना जारी है। घाघरा नदी के कटान के डर से लोग खुद अपने घरों को तोड़कर पलायन कर रहे हैं। वहीं, शारदा नदी जंगल नंबर तीन में 15 घर और निगल कर आगे बढ़ चली है। इसके अलावा इस नदी में समरदा बदाल के सैकड़ों किसानों के खेतों को निगल कर गांव भुर्जिनपुरवा के प्राथमिक स्कूल का आधा हिस्सा काट लिया है। यदि इसी तरह कटान जारी रहा तो जल्दी ही लालापुर और भुरजिनपुरवा स्कूलों का वजूद मिट जाएगा। हुलासपुरवा में आठ घर घाघरा में समा चुके हैं।
घाघरा नदी जहां रमियाबेहड़ के लालापुर का प्राथमिक स्कूल काट रही है, वहीं शारदा नदी ने धौरहरा के भुरजिनपुरवा स्कूल को आधे से ज्यादा निगल लिया है। घाघरा हुलासपुरवा की बस्ती उजाड़ने में लगी है तो शारदा ने जंगल नंबर तीन का लगभग वजूद मिटा दिया है। सीताराम, रामचंद्र, राममिलन, नेतराम, छोटे, गजोधर, सुंदर समेत 16 लोगों के घर नदी में समा गए।
बीते दो दिनों में लालापुर में भीषण कटान करती घाघरा की लहरों में बेचेलाल, रोशनलाल, केशवराम, आशाराम समेत कई किसानों के खेत नदी में बह गए। स्कूल का एक चौथाई हिस्सा नदी में समा गया है। ईसानगर के हुलासपुरवा में घाघरा में बारह घंटे में रामसिंह, बड़ाई, मलखान, रामकुमार, नंदकिशोर, राजेश, राधेश्याम, सत्य पाल सहित आठ घर नदी में समा गए।
80 कटान पीड़ितों को प्रशासन ने बांटे तिरपाल
धौरहरा। हुलासपुरवा में बुधवार को सुबह दस बजे पहुंचे प्रशासनिक अमले ने पूर्व मंत्री की अगुवाई में 80 कटान पीड़ितों को तिरपाल और पिपिया बांटे। इस मौके पर पूर्व मंत्री यशपाल चौधरी, तहसीलदार नीरज पटेल, नायब तहसीलदार अभिमन्यु कुमार आदि मौजूद रहे।