मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1207 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। पुराने पर्चों के मरीजों ने भी डॉक्टरों से परामर्श लिया। नए मरीजों में बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और सिर दर्द के मरीज अधिक थे।
लखीमपुर खीरी जिले का तापमान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसी के साथ जिला अस्पताल की ओपीड़ी में मरीजों की भीड़ भी बढ़ रही है। उल्टी-दस्त, बुखार-जुकाम और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। उधर, मझगईं थाना क्षेत्र में दो दिन से बुखार से पीड़ित बच्ची की मौत हो गई।
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1207 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। पुराने पर्चों के मरीजों ने भी डॉक्टरों से परामर्श लिया। नए मरीजों में बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और सिर दर्द के मरीज अधिक थे। तेज धूप से लोगों को सिर दर्द की समस्या अधिक हो रही है। आंखों से संबंधित समस्याएं भी बढ़ी हैं। उधर, अस्पताल के बच्चा और पीकू वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। यहां उपचाराधीन बच्चों की संख्या 30 हो गई है। डीवीडी वार्ड और पुरुष वार्ड के अधिकांश बेड फुल हो गए हैं।
भगवंतनगर गुलरा में अपनी नानी के घर आई थी बच्ची
मझगईं में दो दिन से बुखार पीड़ित आठ वर्षीय बच्ची की उल्टियां आने के बाद मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। बेला खुर्द निवासी पंकज कुमार की आठ वर्षीय पुत्री बेबी अपनी मां के साथ शनिवार को भगवंतनगर गुलरा नानी के घर गई थी। बताया जाता है यहां उसे बुखार आने लगा। इलाज के लिए निघासन के दुबहा गांव स्थित एक प्राइवेट डॉक्टर से दवा ली।
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दो दिन लगातार बुखार आता रहा। दवा से आराम भी मिला। सोमवार आधी रात से उसे उल्टी आनी शुरू हो गईं। सुबह डॉक्टर के पास ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इकलौती बच्ची होने के कारण माता-पिता व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भगवंतनगर गुलरा से बच्ची का शव गांव लाकर दफन कर दिया गया।