कॉलेज में ग्रीन-क्लीन के साथ बनेंगे स्मार्ट क्लास
शासन ने 50-50 लाख बजट को दी मंजूरी
शहर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) का जल्द ही कायाकल्प किया जाएगा। कॉलेज परिसर को ग्रीन-क्लीन करने के साथ ही आधुनिक साज-सज्जा से लैस किया जाएगा। इसमें अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब स्मार्ट क्लास में पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं छात्रों को पीने के लिए आरओ का पानी भी मिल सकेगा। इन दोनों कॉलेजों को ग्रीन-क्लीन और स्मार्ट बनाने के लिए शासन ने 50-50 लाख की धनराशि मंजूर की है। जल्द ही इन दोनों कॉलेजों को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अरसे से बदहाली का दंश झेल रहे जीआईसी तथा जीजीआईसी में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को जल्द ही अव्यवस्थाओं से निजात मिलने वाली है, क्योंकि शासन ने दोनों कॉलेजों को ग्रीन-क्लीन करने का फैसला लिया है। साथ ही इन दोनों कॉलेजों को स्मार्ट बनाने की तैयारी है, जिससे छात्र छात्राएं निजी विद्यालयों की तरह ही यहां पर भी पढ़ाई का माहौल मिलेगा। इसके लिए दोनों कॉलेजों में स्मार्ट क्लासेज, शुद्ध पेयजल के लिए समरसेबल पंप तथा आरओ एवं बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। डीआईओएस डॉ ओपी गुप्ता ने बताया कि जल्द ही सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक कर कार्य शुरू कराने की रणनीति तय की जाएगी, जिसके बाद आधुनिकीकरण शुरू करा दिया जाएगा।
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शिक्षकों की कमी दूर करना भी चुनौती
दोनों कॉलेजों का कायाकल्प होने से छात्र-छात्राओं को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा, लेकिन शिक्षकों की कमी किसी चुनौती से कम नहीं है। जीआईसी में सबसे ज्यादा शिक्षकों की कमी है, जिसमें कई विषयों के शिक्षकों का टोटा है।
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कॉलेजों की फैक्ट फाइल
जीआईसी में छात्र संख्या 1100
जीजीआईसी में छात्र संख्या 1500
जीआईसी में शिक्षक 16
जीजीआईसी में शिक्षिकाएं 25
शहर के जीआईसी, जीजीआईसी को ग्रीन-क्लीन बनाने के साथ ही स्मार्ट बनाया जाएगा, जिससे यहां के छात्र-छात्राओं तथा स्टाफ को निजी कॉलेजों की तरह बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए शासन ने दोनों कॉलेजों के लिए 50-50 लाख का बजट मंजूर किया है।
-डॉ.ओपी गुप्ता, डीआईओएस