धौरहरा। क्षेत्र में नदियां किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी और रामनगर बगहा में तेजी से भू कटान कर रही है, किसानों की लहलहाती फसलों सहित उनकी जमीनें नदी में समाती चली जा रही हैं, बाढ़ खंड विभाग बस तमाशबीन बना हुआ है। विकासखंड रमिया बेहड़ के गुलरिया तालुके अमेठी और रामनगर बगहा में घाघरा नदी इन दिनों तबाही मचा रही है। घाघरा नदी ने रामनगर बगहा के मुनेजर लाल, इशाद अली विश्राम, सोनेलाल, हिरई, कुसुमा देवी समेत बीस लोगों की कृषि भूमि कट गई। इसके अलावा गुलरिया तालुके अमेठी निवासी अनिल निगम, सुनील निगम, जगदीश जायसवाल, सुंदरलाल, विशम्भर, विश्वनाथ, सालिकराम, कमलेश, आदेश निगम की करीब चार सौ बीघा जमीन लहलहाती फसलों सहित घाघरा नदी में समा चुकी है। नदी अभी तेजी से कटान करती चली आ रही है यदि यही स्थिति रही तो भू कटान करती हुई नदी बस्तियों को उजाड़ देगी। बाढ़ खंड विभाग सब देख कर भी अनजान बना हुआ है।
घाघरा में घोसियाना गांव के समा चुके 15 घर
धौरहरा। गुलरिया तालुके अमेठी के मजरा गांव घोसियाना घाघरा के निशाने पर है। यहां तेजी से कटान कर रही घाघरा ने अब तक 15 घर निगल लिए हैं। लोग यहां से पलायन को विवश हैं। हालांकि इस समय घाघरा नदी इस गांव में कटान नहीं कर रही है। यहां पर बाढ़ खंड विभाग ने बांस डालकर बचाव कार्य किया है। जिसके चलते कटान रुका हुआ है।
कटान रोकने के लिए बोरिया डालकर बांस कैरेट बना कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। काफी हद तक कटान रुका भी है। फिर भी दैवी आपदा के सामने ज्यादा उपाय नहीं चल पा रहा।
- दिनेश कुमार एक्सिएन बाढ़ खंड शारदा नगर
भू-कटान की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। सभी कटान पीड़ितों को नुकसान का मूल्यांकन कराकर सरकारी सहायता दी जाएगी।
- एस सुधाकरन एसडीएम धौरहरा।