पीएचसी सेमरई में मरीजों को दवा लिखते चिकित्सक। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले के नगरीय व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में बदलते मौसम का असर साफ दिखाई दिया। खांसी, जुकाम, बुखार, दस्त और बीपी-शुगर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी रही। चिकित्सकों ने लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की।
निर्मल नगर स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा प्रभारी डॉ. संस्कृति द्विवेदी ने करीब 45 मरीजों का परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण और पुरानी बीमारियों के मरीज अधिक आ रहे हैं। नियमित दवा लेने और खानपान में परहेज की सलाह दी गई।
गौटेय्याबाग स्वास्थ्य केंद्र में 42 मरीज पहुंचे, जिनमें अधिकतर खांसी, जुकाम व दस्त के मरीज थे। चिकित्सा प्रभारी डॉ. अंशिका गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने पर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है। साफ पानी पीने, हल्का भोजन करने और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी गई।
पीएचसी मझगईं में साढ़े तीन बजे तक 20 मरीजों की जांच की गई। अधिकांश खांसी-जुकाम के मरीज रहे। आसिन अली व पुनीत यादव सहित चार लोगों को कुत्ते के काटने पर एंटीरेबीज टीका लगाया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों से अपील की कि कुत्ते के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें।
केशवापुर में नहीं पहुंचे आयुर्वेदिक चिकित्सक
केशवापुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केशवापुर में एलोपैथिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों ने 124 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुपस्थित रहने से कुछ मरीजों को निराश लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नियमित जांच कराने और बीमारी को नजरअंदाज न करने की अपील की। संवाद
रविवार को जिले के नगरीय व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। मौसम में बदलाव की वजह से मेला में मौसमी बीमरियों के मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है।