लखीमपुर खीरी। जिले में गैस संकट की आशंका के बीच बुधवार को कई गैस एजेंसियों पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है और कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
बुधवार को पड़ताल के दौरान एलआरपी रोड स्थित गैस एजेंसी पर सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई। एजेंसी के अंदर काउंटरों पर भीड़ रही तो बाहर कई लोग खाली सिलिंडर लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस की किल्लत की चर्चा सुनकर वे पहले से ही सिलिंडर लेने पहुंच गए हैं, जबकि कुछ लोग वास्तव में गैस खत्म होने के कारण आए थे।
इधर, प्रशासन के सख्त रुख के बावजूद ठेलों और खोमचों पर घरेलू गैस सिलिंडरों का धड़ल्ले से व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। वहीं कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने की वजह से कुछ होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी चोरी-छिपे घरेलू सिलिंडर इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार ने शहर और आसपास की गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी अनावश्यक स्टॉक न करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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केवाईसी और ओटीपी से मिल रहा गैस सिलिंडर
ओयल। कस्बे में गैस वितरण को लेकर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। ईरान-इजराइल युद्ध की चर्चाओं के बीच गैस की कमी की अफवाहें भी फैल रही हैं। महाबीरा मोहल्ला स्थित भारत गैस एजेंसी पर सुबह से ही सैकड़ों लोग सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लगे रहे। उपभोक्ताओं ने बताया कि अब सिलिंडर लेने के लिए पहले केवाईसी, फिर बुकिंग और ओटीपी के जरिए ही वितरण किया जा रहा है। एजेंसी मैनेजर के अनुसार एजेंसी के पास करीब 14 हजार कनेक्शन हैं। बुधवार सुबह गैस का लोड आया था और 539 घरेलू सिलिंडर, 100 कॉमर्शियल और 200 पांच किलो वाले सिलिंडर उपलब्ध थे। उनका कहना है कि गैस की कमी नहीं है, बल्कि अफवाहों के कारण भीड़ बढ़ रही है। संवाद
सर्वर डाउन होने से बंद हुआ वितरण
बिजुआ। क्षेत्र की सुंदर गैस एजेंसी पर सर्वर डाउन होने से गैस वितरण प्रभावित रहा। सुबह से खाली सिलिंडर लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) नहीं पहुंचा, जबकि कुछ को कोड मिलने के बावजूद सर्वर समस्या के कारण सिलिंडर नहीं मिल सका। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
घरेलू गैस सिलेंडर लगाकर काम कर रहे ठेले खोमचे वाले। संवाद