नवरात्र का समापन पर लगी धार्मिक कार्यक्रमों की झड़ी
बिझौली और चिंतापुरवा में शारदीय नवरात्र के समापन पर माता रानी की प्रतिमाएं गाजे- बाजे के साथ विसर्जित की गईं। इससे पूर्व डीजे की धुन पर नाचते हुए श्रद्धालु युवक-युवतियां मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा में चल रहे थे। वहीं महिलाएं हरिनाम कीर्तन करते हुए चल रही थीं।
बिझौली में दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन जागरण में माता के नाम की माला जपेगा कोई दिलवाला, वहीं अशोक वाटिका में हनुमान के किरदार में बृजेश गोस्वामी ने खूब वाहवाही लूटी। कन्हैया तेरे प्यार में लुट गए बीच बाजार में और शिव तांडव, शिव विवाह आदि की झांकी प्रस्तुत की। चिंतापुरवा के कार्यक्रम में अंतिम दिन मैया यशोदा ये तेरा कन्हैया, शिव बारात, राधा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधाप्यारी सहित तमाम भक्ति गीतों पर श्रोता झूमते रहे। जिला पंचायत सदस्य महेश चंद्र कनौजिया, हरिओम मौर्य, दुजई लाल का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में लक्ष्मीकांत शास्त्री, बृजेश गोस्वामी, गिरधारी लाल, छोटे आदि ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रामाधार, रामचंद्र भार्गव आदि का योगदान रहा।
अहमदनगर में श्रवण कुमार शुक्ला के प्रांगण में बब्बन म्यूजिक ग्रुप पलिया द्वारा मां की सुंदर भेंटे और भगवान स्वरूपों की सजीव झांकिया दिखाकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने जब मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, करते हो कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है- गाया तो दर्शक भक्ति रस से सराबोर हो गए। इस मौके पर प्रधान सुनीता गुप्ता, मुकेश गुप्ता, अच्चू आदि मौजूद रहे। श्रद्घालुओं ने नवरात्र के समापन पर मां दुर्गा की प्रतिमा का रंग गुलाल उड़ाते हुए विसर्जन किया गया।
जंगबहादुरगंज। कस्बा जेबीगंज में सजे पंडाल में स्थापित देवी की मूर्ति पारस नाथ मड़ियांघाट में गोमती नदी में विसर्जित कर दी गई। शिव मठिया परिसर में शिवशंकर शम्भू कांवरिया सेवा समिति के तत्वाधान में सजा देवी पंडाल में कथा व्यास बृजेश कुमार द्वारा सहयोगी अनिल तिवारी के साथ भक्तों को श्रीराम कथा भागवत कथा सुनाई। मनोज, कमल सिंह, प्रमोद, हिमांशु, विमलेश, बृजेश, राजू, अखिलेश व अजीत आदि का सहयोग रहा। कुलदीप सिंह, वीरेंद्र सिंह, आशीष कुमार शुक्ल, अनिल चौहान, निर्मल गुप्त, सुमित कुमार आदि रहे।
मां ज्वाजा की ज्योति का शारदा में हुआ विसर्जन
गोला गोकर्णनाथ। बजाज हिंदुस्थान शुगर लि. की पुरानी कालोनी में सजे मां वैष्णों दरबार में स्थापित मां ज्वाला की ज्योति का मुख्य यजमान कृष्णानंद अवस्थी ने पं संतोष द्विवेदी के निर्देशन में मां ज्वाला की ज्योति को स्वत: बुझने के बाद शारदा नदी के तट पर जल में प्रवाहित कर दिया है। सुनील वर्मा, अमर सिंह, रानू सिंह, पिंकू सिंह, मनोज बाथम, अवधेश श्रीवास्तव, बब्बू सक्सेना, बब्बू अवस्थी आदि मौजूद रहे।