लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद शुरू हुए 23 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक व्यवस्थाएं अधूरी हैं। दो के बजाय एक ही कांटे से गेहूं की तौल कराई जा रही है। कई क्रय केंद्रों पर परिवहन ठेकेदार की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे क्रय केंद्रों के गोदाम फुल होने से गेेहूं रखने की जगह नहीं बची है। इससे केंद्र प्रभारियों ने गेहूं खरीद धीमी कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों पर तौल शुरू न्र होने से किसानों को गेहूं बेचने के लिए मंडी तक दौड़ लगानी पड़ रही है। केंद्रों पर अब भी जरूरी सुविधाओं का अभाव है।
मंडी समिति राजापुर में नौ क्रय केंद्र खोले गए हैं, जबकि पूरे जिले में 163 क्रय केंद्र हैं। अभी तक 108 क्रय केंद्रों पर 2604 किसानों से 1.78 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। 55 क्रय केंद्रों पर अभी खरीद शुरू नहीं हो पाई है, जिसमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्र हैं। मंडी समिति राजापुर में विपणन शाखा के क्रय केंद्र तृतीय पर 44 किसानों से 1480 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है, जिससे गोदाम फुल हो गया है। अभी परिवहन ठेकेदार न होने के कारण गेहूं का एफसीआई में उतरना शुरू नहीं हो पाया है। केंद्र प्रभारी ने बैनर उतार दिया है और किसानों को दो-तीन दिन बाद आने के लिए कहा जा रहा है।
केंद्र प्रभारी सोनम सिंह ने बताया कि बैनर दूसरी जगह लगाया है। यहां गोदाम फुल होने से गेहूं रखने की जगह नहीं बची है। ठेकेदार ने अभी गेहूं का उठान शुरू नहीं किया है। विपणन शाखा के क्रय केंद्र चतुर्थ पर छह किसानों से 850 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। यहां भी परिवहन की दिक्कत है। पीसीयू के क्रय केंद्र पर नौ किसानों से 682 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। पीसीएफ के क्रय केंद्र (एसएस रमियाबेहड़ एट लखीमपुर मंडी) पर 20 किसानों से 1400 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। मंडी समिति के क्रय केंद्र पर छह किसानों से 418 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। सभी क्रय केंद्रों पर एक ही कांटे से तौल कराई जा रही है। केंद्र प्रभारी बताते हैं कि लघु एवं सीमांत किसान अभी गेहूं बेचने केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। मंडी समिति और विपणन शाखा के दो क्रय केंद्रों पर प्रभारी बीमार होने की वजह से नदारद रहे, जिससे उनके सहायक खरीद करते मिले।
तिकुनिया क्षेत्र के गांव कश्यपनगर निवासी किसान कंवलजीत सिंह ने बताया कि तिकुनिया मंडी में क्रय केंद्रों पर बहुत ज्यादा भीड़ है, जबकि सिंगाही में खुले क्रय केंद्र पर तौल नहीं है। इससे मजबूरन एक ट्रॉली गेहूं राजापुर मंडी में बेचने लाए हैं, जिससे डीजल और समय का खर्चा बढ़ गया।
निघासन क्षेत्र के गांव गजियापुर निवासी किसान संतोष सिंह ने बताया कि ढखेरवा नानकार और झिन्नापुरवा में क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल नहीं हो रही है। इसलिए गेहूं राजापुर मंडी में आए हैं। यहां भी किसानों की लाइन लगी है। केंद्र पर मजदूर भी कम है, जिससे तौल धीमी है।
सभी क्रय केंद्रों पर दो-दो कांटे उपलब्ध कराए गए हैं, जिसमें एक कांटे पर सिर्फ लघु एवं सीमांत किसानों के गेहूं की तौल की जानी है। ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 55 क्रय केंद्रों पर तौल शुरू नहीं हुई है। उनके प्रभारियों को जल्द खरीद शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। फिर भी खरीद शुरू नहीं की, तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंडी के क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए सुविधाएं मुहैया कराना मंडियों की जिम्मेदारी है, जबकि ग्रामीण क्षेेत्रों में खुले क्रय केंद्रों पर संबंधित एजेंसी व्यवस्था कराएगी।
-लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
आढ़तियों ने दो दिन पहले से बंद की खरीद
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते असर से मंडी समिति राजापुर के आढ़तियों में खौफ है, जिससे आढ़तियों ने बृहस्पतिवार से ही मंडी में खरीद बंद कर रखी है। शुक्रवार को भी सभी आढ़तेें बंद रहीं। शनिवार और रविवार को बंद रहने के बाद सोमवार को ही मंडी खुलेगी।
मंडी राजापुर में करीब 50 आढ़तिए हैं, जहां पर करीब 250 मजदूर काम करते हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलो के चलते आढ़तियों ने साप्ताहिक बंदी से पहले बृहस्पतिवार से ही मंडी बंद रखने का फैसला लिया, जिससे आढ़तों पर शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए सीमित संख्या में किसान मंडी पहुंचे। मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक बंदी के चलते मंडी बंद रहेगी। सोमवार से मंडी में आढ़तें खुलेंगी। बारिश में गेेेहूं को भीगने से बचाने के लिए प्लेटफार्म पर टिन शेड के नीचे ट्रॉली खड़ी कराने की व्यवस्था कराई गई है। संवाद
एसडीएम ने गेहूं केंद्रों का औचक निरीक्षण किया
मोहम्मदी। किसानों की शिकायत पर एसडीएम ने कृषि मंडी में गेहूं खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण कर केंद्र प्रभारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
शुक्रवार की शाम चार बजे एसडीएम स्वाति शुक्ला अचानक कृषि मंडी पहुंचीं और वहां पर उन्होंने मंडी समिति में लगे गेहूं क्रय केंद्रों पर बारदाना रजिस्टर और कागजात देखे।
एसडीएम ने कहा कि जिन किसानों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, उनकी गेहूं की तौल तुरंत होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बृहस्पतिवार को दोपहर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेताओं ने किसानों के गेहूं की तौल न होने पर विरोध जताया था। संवाद