बसपा सुप्रीमो ने दो कार्यकर्ताओं द्वारा विधानसभा प्रत्याशी लिखने पर की कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होने के साथ ही बसपा सुप्रीमो ने अनुशासनहीनता में दो पूर्व जिलाध्यक्षों समेत चार कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। चुनाव से पूर्व इसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे बसपा के खेमे की धड़कने बढ़ गई हैं।
बसपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर जिला यूनिट द्वारा पूर्व जिलाध्यक्ष उमाशंकर गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी, कार्यकर्ता मोहन वाजपेयी और दिनेश मास्टर को पार्टी में अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते निष्कासित किया गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सूत्रों से छानबीन कराने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इन चारों को पार्टी में अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी थी। बावजूद इसके इनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। इसकी वजह से पार्टी व मूवमेंट हित में चारों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
खुद को पार्टी प्रत्याशी के तौर पर कर रहे थे प्रचारित
बसपा के सूत्र बताते हैं कि सदर विधानसभा और कस्ता विधानसभा सीट पर लखीमपुर निवासी मोहन वाजपेयी व मितौली निवासी दिनेश मास्टर द्वारा चुनाव प्रचार कराया जा रहा था। इसमें दोनों कार्यकर्ता खुद को पार्टी प्रत्याशी के तौर पर प्रचारित कर रहे थे, जबकि पार्टी हाईकमान की ओर से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा अभी नहीं की गई है। इसको लेकर पार्टी हाईकमान ने इन दोनों कार्यकर्ताओं को चेताया भी था, लेकिन हाईकमान के निर्देशों को दरकिनार कर चुनाव प्रचार करते रहे। इसका खामियाजा दोनों को पार्टी से निष्कासित होने के तौर पर भुगतना पड़ा है।