लखीमपुर खीरी। बाढ़ और बारिश की दुश्वारियों के बीच आबादी के करीब नदी, नालों या फिर तालाबों में मगरमच्छों के आने से लोगाें पर खतरा बढ़ गया है। बीते 40 दिनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मगरमच्छों के हमले में चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन लोग घायल भी हुए हैं। यहीं नहीं कई जगहों पर आबादी के करीब मगरमच्छों के डेरा जमाने से लोगों में दहशत है।
बीती आठ सितंबर की शाम मझगईं क्षेत्र में मुर्गहा गांव निवासी ब्रदी के 22 वर्षीय पुत्र श्रीवास्तव उर्फ कुक्कू की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई थी। घटना उस वक्त हुई थी, जब कुक्कू अपने साथी मंगल व अन्य लोगों के साथ वह काम कर घर लौट रहे था। इस दौरान सुतिया नाला पार करते समय किनारे पर घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने अचानक से कुक्कू पर हमला कर दिया और कमर से पकड़कर उसे पानी के अंदर खींच ले गया था।इससे पहले सात सितंबर को गांव जयंदरपुर निवासी रामसागर निषाद (50) पुत्र कामता की मौत मगरमच्छ के हमले में हुई थी। रामसागर अपने बेटे विष्णू के साथ गांव किनारे चौका नदी के सुतिया नाले में मछली पकड़ने गए थे। वहीं नाले में मौजूद मगरमच्छ ने हमला कर दिया। विष्णू तो बच गया, पर रामसागर को मगरमच्छ गहरे पानी में खींच ले गया था।
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बीती नौ अगस्त को पलिया क्षेत्र की मकनपुर ग्राम पंचायत के चंबरबोझ गांव निवासी जगदीश का 29 वर्षीय पुत्र मिथुन रात में खाना खाने के बाद पास ही स्थित रपटा पुल के किनारे खड़ा था। सुहेली नदी का पानी बढ़ने से रपटा पुल पर काफी तेज धार पर पानी बह रहा है। इस दौरान पानी से निकलकर एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे पानी में खींच ले गया।
अब वन रेंज शारदा नगर के महेवागंज इलाके में सोमवार देर शाम कंडवा नदी को पारकर बेटी के घर जा रहे फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव अंजनापुर निवासी 56 वर्षीय श्याम प्यारे को मगरमच्छ पानी में खींच ले गया। उनका अब तक कहीं पता नहीं चला है। जिन क्षेत्रों में मगरमच्छ देखे जा रहे हैं वहां वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। साथ ही जलस्रोतों से दूर रहने को कहा है।
निघासन, सिंगाही व पलिया समेत महेवागंज इलाके में ज्यादा आतंक
बरसात का मौसम शुरू होते ही नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ने के साथ जलीय जीवों का बाहर निकलना आम हो गया है। इसमें मगरमच्छ आबादी के कररीब लगातार देखे जा रहे हैं। इसमें
निघासन, सिंगाी, पलिया कलां और महेवागंज इलाके में मगरमच्छों का ज्यादा आतंक है। महेवागंज इलाके की कंडवा और जुनई में मगरमच्छों ने इन दिनों डेरा हुआ है। अभी कुछ दिन पहले क्षेत्र में प्राचीन लिलौटी नाथ शिव मंदिर परिसर के समीप कंडवा नदी घाट के पास विशाल मगरमच्छ को लोगों ने देखा था।