पसगवां। बरखेरिया जाट स्थित न्यू सिटी हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में चार दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग एफआईआर दर्ज कराने की बात कर रहा है, लेकिन अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
गांव जसमढ़ी निवासी रोहित पाल 26 मई को अपनी गर्भवती पत्नी नीलू को मुंह के छालों की दवा दिलाने न्यू सिटी हॉस्पिटल लेकर गया था। आरोप है कि अस्पताल में प्रसव का समय पूरा होने की बात कहकर नीलू को भर्ती कर लिया गया। प्रसव से पहले हुई जांच में नीलू का हीमोग्लोबिन तीन प्रतिशत आने के बावजूद प्रसव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि नीलू के बेहोश होने पर अस्पताल कर्मियों ने उसे निजी वाहन से शाहजहांपुर भेज दिया। शाहजहांपुर पहुंचने से पहले रास्ते में नीलू और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस मामले में रोहित ने 30 मई को पुलिस और सीएचसी अधीक्षक पसगवां से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी न्यू सिटी हॉस्पिटल के संचालक वसीम अहमद के फरार होने की बात कह रहे हैं। वहीं क्षेत्र में अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी पर हुई कार्रवाई को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. निशांत गुप्ता ने बताया कि जंगबहादुरगंज क्षेत्र में आठ नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सीज किए गए हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय से कितनों को क्लीन चिट मिली है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि वर्तमान में तीन नर्सिंग होम सीज हैं, जिनमें दो बरखेरिया जाट और एक उचौलिया में है। अन्य सीज नर्सिंग होम सीएमओ कार्यालय से जुर्माना जमा कर क्लीन चिट प्राप्त कर चुके हैं।