बृहस्पतिवार तक भर्ती बच्चों की संख्या हो गई थी सात
जिले में एईएस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा हैै। बृहस्पतिवार को एईएस पीड़ित भर्ती हुए सात बच्चों में से चार की मौत हो गई। वहीं दो की हालत में सुधार होनेे पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। जबकि एक बच्चे का अभी इलाज चल रहा है।
चिल्ड्रेन वार्ड में एईएस (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम) से पीड़ित बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया था, जिनकी संख्या बृहस्पतिवार को सात हो गई। उपचार के दौरान आईसीयू वार्ड में भर्ती शिवा (8), मस्तराम(8), निहाल (3 माह)और रिंकी (7) की मौत हो गई। वहीं पलिया निवासी वकील अहमद की दस वर्षीय पुत्री सना और नीमगांव के पकरिया निवासी इरफान की नौ साल की पुत्री शिफा की हालत ठीक हो जाने पर छुट्टी दे दी गई। जबकि धौरहरा के घुरघुटा निवासी मुन्नालाल की दस साल की पुत्री कुसुम का अभी इलाज चल रहा है।
एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या हुई सात
जिला संक्रामक रोग कार्यालय प्रभारी डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि अभी तक 32 बच्चे एईएस प्रभावित मिले हैं, जिनमें से नेहा, आजाद, किरन, रिंकी, शिवा, मस्तराम और निहाल की मौत हो चुकी है। जबकि अन्य सभी बच्चे ठीक हैं।
डायरिया और बुखार पीड़ित बच्चों से चिल्ड्रेन वार्ड हुआ फुल
शुक्रवार को भर्ती बच्चों की संख्या हुई 19
एक बेड पर दो दो बच्चों को भर्ती करने की बनी नौबत
लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार और डायरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना इससे पीड़ित बच्चे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हो रहे हैं। शुक्रवार को वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या 19 हो गई। 13 बेड का वार्ड होने के कारण एक एक बेड पर दो दो बच्चे भर्ती हो रहे है।
शुक्रवार को डायरिया और बुखार पीड़ित बच्चों की जिला अस्पताल में बाढ़ सी आ गई। सीरियस हालत में जिला अस्पताल आ रहे बच्चों को भर्ती करने का शुरू हुआ सिलसिला शाम तक चलता रहा। शाम तक चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या 19 हो गई, जिससे वार्ड में बेड कम पड़ गए और स्टाफ नर्स एक बेड पर दो- दो बच्चे भर्ती करने पड़े।
चिल्ड्रेन वार्ड में इन बच्चों का चल रहा इलाज
प्रिंस (9), उमरा (1), शगुन (10), पुष्कर (1),अमरजीत (9), राज (8), राहुल (12),कशमता (12),शबरीन (1), लक्ष्मी ( 2),देवा (2),सोनिका (3),बेबी (4 माह),धर्म सिंह (11),जन्नत (2),अजय (5), काजल (10), नूरअली (6) और आदित्य कश्यप (5)
तारानगर और बिनौरा में डायरिया का प्रकोप
निघासन। क्षेत्र गांव तारानगर और बिनौरा में डायरिया का प्रकोप शुरू हो गया है। बिनौरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा वितरण करने का दावा कर रही है। जबकि ग्रामीण दवा वितरण के नाम पर खानापूर्ति करना बता रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक तारानगर में टीम भेजे जेने की बात कह रहे हैं।
मौसम के बदले मिजाज से गांव बिनौरा और तारानगर में डायरिया ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए। शुक्रवार को सोफिया बानो (25) पत्नी सलील को उल्टी दस्त से परेशान हुई। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद इसी गांव के शफीक (22) पुत्र हनीफ, सरमुख (30) उसकी पत्नी रीता देवी (20) गया प्रसाद की पत्नी गंगाजली (40) उसका पुत्र नीलू (15) रामपती (40) पत्नी राजेश भी उल्टी दस्त से परेशान हुए। जिनका इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। तारानगर निवासी रंजीत (10) पुत्र मुंशीलाल आदि परेशान है। प्रभारी सीएचसी अधीक्षक अनिल वर्मा ने बताया कि बिनौरा गांव में बीस से अधिक लोग उल्टी दस्त से पीड़ित है। वहां पर टीम भेजकर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को तारानगर में भी टीम भेजी जाएगी।