जिले में अवैध खनन से बने बड़े-बड़े गड्ढे बुधवार को बच्चों की कब्रगाह बन
गए। बरसात के पानी से भरे इन गड्ढों में डूबकर चार बच्चों की मौत हो गई।
इनमें दो अलग-अलग परिवारों के सगे भाई-बहन और दो सगे भाई शामिल हैं। पुलिस
ने बच्चों के शवों का पंचनामा भरकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। शवों
को अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा। वहीं, इस मामले में जिले के खनन
प्रभारी/एडीएम एसपी सिंह का कहना है कि अवैध खनन हुआ है अथवा नहीं यह जांच
के बाद ही पता चलेगा। परिवार वाले मामले में कार्रवाई चाहेंगे तो जांच कर
विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, निघासन और ओयल में भी तीन बच्चों की पानी
में डूबने से मौत हो गई।
खीरी टाउन कस्बे के मोहल्ला हनिया टोला निवासी
कन्हईलाल की नौ वर्षीय बेटी रेशमी देवी और 12 वर्षीय बेटा राकेश कुमार तथा
डालूचन्द्र के 13 वर्षीय बेटे संजय और दस वर्षीय घनश्याम बुधवार को दोपहर
बाद करीब दो बजे घर से दूर अपने खेत के पास खेत के गड्ढों में भरे बरसात के
पानी में नहाने गए थे। वहां अवैध खनन से खेत में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए
थे। बरसात का पानी भर जाने के कारण बच्चे गड्ढों की गहराई नहीं भांप सके।
खेल-खेल में वे गहराई में चले गए जहां चारों बच्चों की डूूबकर मौत हो गई।
उधर,
निघासन के ढखेरवा क्षेत्र के गांव नारेंद्र नगर बेली निवासी व्यासमुनी की
10 वर्षीय बेटी रानी अपने 11 वर्षीय चचेरे भाई हरिवंश व दोस्तों धनवान और
चंदन के साथ बुधवार की सुबह मवेशियों को घास चराने गए थे। करीब साढ़े दस
बजे हरिवंश सोतिया नाले में उतरा पर अधिक गहराई और बाढ़ का पानी होने के
कारण वह डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में रानी भी पानी में कूद पड़ी,
जिससे दोनों डूबने लगे। दोनों को डूबता देख धनवान और चंदन चिल्लाते हुए
गांव की ओर भागे। जब तक लोग पहुंचते, वे डूब चुके थे। काफी मशक्कत के बाद
दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। परिवार वालों ने किसी भी कार्रवाई से
इनकार करते हुए पंचनामा भरवाकर दोनों शवों की अंतिम संस्कार कर दिया है।
वहीं, ओयल के थाना खीरी क्षेत्र के गांव पेन्योरा में ननिहाल आया सात साल
का विशाल अन्य बच्चों के साथ शारदा ब्रांच नहर की ओर खेलने गया था। वहां
पैर फिसलने से वह पानी में चला गया और डूबकर उसकी मौत हो गई।
बच्चों के परिवारों में मचा कोहराम
लखीमपुर
खीरी। अलग-अलग तीन स्थानों पर सात बच्चों की डूबने से जान चली गई, जिससे
बच्चों के घरों में कोहराम मच गया। निघासन और ओयल में तो महज हादसे में तीन
बच्चों की जान गईं, वहीं खीरी टाउन से सटे खेत में मिट्टी का अवैध खनन कर
छोड़े गए गहरे गड्ढे चार बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुए। इनकी मौत की खबर
जैसे ही कसबे के लोगों को मिली मौके पर अनेक लोग पहुंच गए। बच्चों को गहरे
पानी में डूबा हुआ देखकर लोगों के होश उड़ गए। आनन-फानन में जब इन बच्चों
को पानी से बाहर निकाला गया, तब तक सभी बच्चों के प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
परिवार वालों को जब चार बच्चों की जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। चारों के
शवों को गड्ढे से निकाला गया।
भाई को बचाने के चक्कर में गई बहन की जान
निघासन।
यहां बच्चों धनवान और चंदन ने बताया कि जब हरवंश डूब रहा था, उस समय रानी
भी अपने मवेशी की रस्सी पकड़कर नाले के किनारे खड़ी थी। अचानक हरवंश को
डूबता हुआ देखकर उससे नहीं रहा गया और वह नाले में कूद गई, जिससे उसकी भी
जान चली गई। एक साथ दो मौतों के कारण परिवार में कोहराम मचा हुआ था। रानी
और हरवंश की मां रोते-रोते बेहोश हो गईं।
विशाल के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ओयल।
क्षेत्र से निकली शारदा ब्रांच नहर में पैर में लगी मिट्टी धोने की कोशिश
कर रहे मोहम्मदा निवासी अजय कश्यप के सात वर्षीय पुत्र विशाल की डूबने से
मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे की मौत से गांव में
शोक की लहर है। वहीं हादसे के चश्मदीद अन्य बच्चे काफी भयभीत बताए गए हैं।
पुलिस ने मामले में जानकारी से इनकार किया।
चार बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन
खीरी
टाउन। कसबे से सटे सरैंया निवासी बालकिशन के खेत में गहरे गड्ढे हैं। मृतक
बच्चों के परिवारी कहते हैं कि यह खेत किसी भट्ठे वाले ने ठेके पर लिया था
और ईंट बनाने के लिए जेसीबी मशीन से अवैध खनन कराकर 10-10 फिट से अधिक
गहरे गड्ढे खुदवा दिए। मामूली वर्षा में ही इन गड्ढों में ऊपर तक पानी भर
गया। खेलते हुए बच्चे इधर पहुंचे तो यह गड्ढे जानलेवा साबित हुए, लेकिन
प्रशासन अब इसे जांच की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
उधर खेत मालिक बालकिशन भी पूछतांछ से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं। इससे
यह जानकारी भी नहीं मिल पा रही है कि किस भट्ठा स्वामी ने खेत की खुदाई
कराई। उधर इस बाबत जिले के खनन प्रभारी/एडीएम एसपी सिंह का कहना है कि अवैध
खनन हुआ है अथवा नहीं यह जांच के बाद ही पता चलेगा। परिवार वाले मामले में
कार्रवाई चाहेंगे तो जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर गहरे
गड्ढों में डूबकर हुई चार बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार कौन है? यह
जांच का विषय है।
इन बच्चों की गई जान
रेशमी देवी (9 वर्ष)
पुत्री कंधईलाल हनिया टोला, राकेश कुमार (12 वर्ष) पुत्र कंधईलाल हनिया
टोला, संजय (13 वर्ष) पुत्र डालूचंद, हनिया टोला, घनश्याम (10 वर्ष) पुत्र
डालूचंद, हनिया टोला (खीरी टाउन), रानी (10 वर्ष) पुत्री व्यासमुनी,
नारेंद्रनगर बेली, हरिवंश (11 वर्ष) पुत्र हरिश्चंद, नारेंद्रनगर बेली
(निघासन), विशाल (7 वर्ष) पुत्र अजय कश्यप, मोहम्मदाबाद (ओयल)