भटककर भीरा बस स्टेशन पहुंची बालिका को यहां के व्यापारियों ने बमुश्किल परिवारवालों का पता लगाकर उन्हें सौंप दिया।
मंगलवार
को यह आठ वर्षीय बालिका भीरा बस स्टाप पर स्थित संजय गुप्ता पान वाले के
खोखे के पास रोती हुई मिली। संजय गुप्ता ने बालिका को किसी तरह चुप कराया
और अपने तमाम परिचितों को उसके बारे में बताया। भीरा-पलिया बस यूनियन के
मैनेजर दीपक पांडेय को भी सूचना दी। दीपक पांडेय इससे पहले भी दो खोए
बच्चों को उनके परिवार तक पहुंचा चुके थे। दीपक ने उस लड़की को अपने घर
बुला लिया और उसकी सूचना चाइल्ड लाइन और पुलिस को तुरंत देने के बाद
व्हाट्स एप के जरिए लड़की का फोटो और उसके द्वारा दी गई प्रसारित करवा दी।
पूछने पर लड़की ने अपना नाम वंदना पिता का नाम महेश निवासी ग्राम दुलही
थाना निघासन बताया।
लड़की ने बताया कि उसके पिता महेश लखनऊ में मजदूरी
करते हैं और बड़ा भाई बेलरायां में चाय की दुकान पर काम करता है। बेलरायां
में ही लड़की का ननिहाल है। लड़की अपने ननिहाल आई हुई थी। लड़की बेलरायां
से लखीमपुर जाने वाली बस में अपने घर आने के लिए अकेली बैठ गई। भीड़ की वजह
से मल्लबेहड़ स्टाप पर नहीं उतर पाई और लखीमपुर पहुंच गई। वहां से किसी
प्रकार पलिया जाने वाली बस मे बैठ कर भीरा पहुंच गई। फोन से लड़की के घर
सूचना दी गई, जिस पर लड़की के ताऊ जयप्रकाश निवासी दुलही पड़रिया तुला आए
और तब तक चाइल्ड लाइन से लवकुश वर्मा भी आ गए। उनकी मौजूदगी में लड़की को
उसके ताऊ जयप्रकाश के सुपुर्द कर दिया गया।