जिले में बैसाखी का पर्व खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर गुरुद्वारों में दीवान सजे, शबद कीर्तन हुए और लंगर का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में डीएम किंजल सिंह और पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने गुरुग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका और सिख समाज को बैसाखी की बधाई दी। इस मौके पर अध्यक्ष कुलवंत सिंह खैरा और सचिव इंद्रपाल सिंह राना ने डीएम किंजल सिंह को शाल और सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।
गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में हुई एक सभा को संबोधित करते हुए सचिव इंद्र्रपाल सिंह राना ने कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने वर्ष 1699 में आनंद साहिब के केशगढ़ (पंजाब) में खालसा पंथ की सिरजना की थी। उन्होंने भरे दरबार में पांच व्यक्तियों दयाराम, धरमदास, मोहकमदास, हिम्मतराय और साहिब चंद्र्र को बलिदान के लिए तैयार किया। गुरु जी ने उन्हें अमृतपान कराया और उनके नाम के आगे सिंह जोड़ दिया। फिर गुरु जी ने इन पंचप्यारों से अमृतपान किया और गुरु गोविंदराय से गुरु गोविंद सिंह बने।
इस मौके पर गुरुद्वारे में शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गुरु के दरबार में मत्था टेका और लंगर छका। कार्यक्रम में तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।
उधर गुरुद्वारा श्री गुरू तेग बहादुर साहिब पंजाबी कॉलोनी में खालसा साजना दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया। हुजूरी रागी जत्था भाई जसवीर सिंह के अलावा लखनऊ से आए पवनदीप सिंह और भाई राजवीर सिंह ने कथा, कीर्तन और गुरुवाणी से संगत को निहाल किया। इस मौके पर छोटे बच्चों को अमृत छकाया गया।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष मिश्र की अध्यक्षता में जिला अधिवक्ता संघ सभागार में वकीलों ने बैसाखी पर कार्यक्रम आयोजित किए। संचालन करते हुए महामंत्री हौसला प्रसाद वर्मा ने बताया कि आज गुरुनानक जी, गुरु गोविंद सिंह की शिक्षाएं प्रासंगिक है। इस दौरान प्रीतम सिंह बग्गा, बाबा सिंह, हरि सिंह बैंस जसवंत सिंह समेत अनेक वकील मौजूद रहे।
गोला गोकर्णनाथ। बैसाखी पर गुरुद्वारे के हजूरी रागी भाई बलजीत सिंह ग्रंथी ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। ब्राइटलैंड एकेडमी की स्नेहा शर्मा, जसलीन कौर, कीर्ति, मानसी यादव आदि विद्यार्थियों ने कविताओं से गुरु की महिमा का बखान किया। विद्यालय की चेयरपर्सन जसवीर कौर और जतिंदर कौर ने विद्यार्थियों का सहयोग किया। गुरुद्वारे में सेवादारों को अमृतपान कराया गया। इस मौके पर गुरदीप सिंह प्रधान, गुरचरन सिंह, प्रीतम सिंह, गुरमीत सिंह, लखवीर सिंह, जोगिंदर सिंह भाटिया, शीला कौर, गुरप्रीत कौर, जसविंदर कौर, जसवीर कौर, मंजीत कौर मौजूद रहे।
मैलानी। बैसाखी पर गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में दरबार सजाया गया। सुबह ग्रंथी विक्रमजीत सिंह ने सुखमनी साहिब का पाठ किया। उसके बाद कथावाचक सुच्चा सिंह ने गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से बताया और संगत को निहाल किया। हरनेक सिंह की ओर से गुरु का लंगर हुआ। इस मौके पर गुरुद्वारा कौड़ियालाघाट के बाबा काला सिंह, प्रधान कमलजीत सिंह, मिल्खा सिंह, खजांची करनैल सिंह, नवजोत सिंह, सर्वजीत सिंह आदि मौजूद रहे। लंगर में विक्की, गगनदीप सिंह, कुलदीप सिंह, जसमीत सिंह, सुखदेव सिंह आदि ने विशेष सेवा की।